कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का प्रकोप दुनिया भर में बढ़ता जा रहा है। भारत समेत कई देशों में सरकारें फिर से प्रतिबंध लागू करने की तैयारी कर रही हैं। इसका असर सेवा क्षेत्र की गतिविधियों पर भी पड़ा है और ये दिसंबर में तीन महीने के निचले स्तर तक पहुंच गईं।
दिसंबर में 55.5 पर आया आंकड़ा
बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधि दिसंबर में कम हो गई। सर्वे के मुताबिक, सेवा क्षेत्र में मांग तो बढ़ी लेकिन इसके साथ ही कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट की दहशत और बढ़ती महंगाई के दबाव ने इसे प्रभावित किया। आईएचएस मार्किट द्वारा तैयार किया गया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स नवंबर में 58.1 के मुकाबले दिसंबर में घटकर 55.5 पर आ गया। गौरतलब है कि यह आंकड़ा पिछले तीन महीने यानी सितंबर के बाद सबसे कम है।
पीएमआई इंडेक्स को इस तरह समझें
राहत भरी खबर ये है कि ये अभी भी 50 अंक से ऊपर है। गौरतलब है कि परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की भाषा में, 50 से ऊपर के रहने का मतलब विस्तार होता है, जबकि 50 से नीचे का स्कोर संकुचन को प्रदर्शित करता है। अर्थशास्त्र सहयोगी निदेशक पोलीन्ना डी लीमा ने कहा कि सेवा प्रदाताओं के लिए 2021 एक और कठिन साल था और दिसंबर में विकास थोड़ा कम रहा। फिर भी, नए आंकड़ों ने सर्वे के ट्रेंड की तुलना में बिक्री और व्यावसायिक गतिविधि में मजबूत वृद्धि की ओर इशारा किया।
इस साल सेवा क्षेत्र में सुधार की उम्मीद
डी लीमा ने कहा कि दृष्टिकोण के आस-पास अनिश्चितता और क्षमता पर दबाव की सामान्य कमी के कारण दिसंबर के दौरान रोजगार में नए सिरे से गिरावट आई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह गिरावट मामूली थी और इस नए साल में सुधार की उम्मीद है, उन्होंने सेवाओं की मांग अनुकूल बनी रहने की संभावना व्यक्त की है।