अमेरिका में मंदी की आशंका के बीच भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 2,600 अंकों की गिरावट दिखी। वहीं हेवीवेट शेयरों में गिरावट से निफ्टी 24000 के नीचे चला गया। इस दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 17 लाख करोड़ रुपये घटकर 440.16 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इस बीच, बीएसई पर सभी सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 10.24 लाख करोड़ रुपये घटकर 446.92 लाख करोड़ रुपये रह गया। सोमवार को रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर 83.7525 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी50 24,000 के स्तर से नीचे 23,894 के निचले स्तर पर आ गया। सूचकांक में 824 अंक या 3.3 प्रतिशत तक की गिरावट आई। व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में इंट्राडे के दौरान क्रमश: 4.2 फीसदी और 4.9 फीसदी की गिरावट आई।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी के विजयकुमार ने कहा कि वैश्विक शेयर बाजारों में तेज गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका है। अमेरिका में जुलाई में रोजगार सृजन में गिरावट दिखी है। बेरोजगारी दर में 4.3% की तेज वृद्धि आई है।। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार में गिरावट का एक प्रमुख कारण है। आज सुबह निक्केई में 4% से ऊपर की गिरावट जापानी बाजार में संकट का एक संकेतक है। निवेशकों को इस करेक्शन में खरीदारी करने की जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें।
इंडिया वीआईएक्स दो महीने के उच्चतम स्तर पर
लाल निशान में निफ्टी के शेयर
निफ्टी के 46 शेयर शुरुआती कारोबार में लाल निशान पर रहे। टाटा मोटर्स, हिंडाल्को, ओएनजीसी, श्रीराम फाइनेंस और जेएसडब्ल्यू स्टील निफ्टी पर टॉप लूजर्स के रूप में कारोबार करते दिखे। शुरुआती सौदों में ये 4.37% तक गिर गए।
बीएसई पर 88 शेयर 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर
सोमवार को शुरुआती सौदों में बीएसई पर 88 शेयरों ने आज अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर को छू लिया। दूसरी ओर, 42 शेयर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए।