उससे पहले अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 75-बेसिस पॉइंट तक बढ़ाने का फैसला लिया इसके असर से प्रमुख सूचकांक गुरुवार को कमजोरी के साथ खुले। बाजार में बैंकिंग, वित्तीय और आईटी शेयरों में गिरावट दिखी। शुरुआती सेशन में बीएसई सेंसेक्स 315 अंक या 0.52% की गिरावट के साथ 60,590 पर कारोबार करता दिखा। निफ्टी 85 अंक या 0.47% की गिरावट के साथ 17,997 पर कारोबार कर रहा था।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य रणनीतिकार वीके विजयकुमार का मानना है कि ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी और उसके बाद फेड की ओर से यह कहना कि अभी ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जाएगी, बाजार को रास नहीं आया है। विशेष रूप से फेड प्रमुख जे पॉवेल की टिप्पणी यह टिप्पणी की ब्याज दर और बढ़ेंगे, इससे बाजार में निराशा है। यही कारण है कि अमेरिकी बाजार में बिकवाली का मूड दिखा।
हालांकि यूएस में हुई बिकवाली के बावजूद विजयकुमार का कहना है कि भारत का बेहतर प्रदर्शन जारी रह सकता है क्योंकि क्रेडिट वृद्धि, पूंजीगत व्यय और ऑटो बिक्री जैसे प्रमुख संकेतक मजबूत आर्थिक सुधार की ओर इशारा करते हैं। 12,610 करोड़ रुपये की एफपीआई खरीद जो पिछले 5 कारोबारी सत्रों के दौरान हुई है उससे निचले स्तरों पर बाजार को समर्थन मिल सकता है। उनका लार्ज-कैप बैंक, कैपिटल गुड्स और प्रीमियम ऑटो सेगमेंट में खरीदारी का सुझाव है।