आरबीआई गवर्नर ने बैंकरों के वार्षिक FIBAC सम्मेलन में बोलते हुए केंद्रीय बैंक के अब तक के कार्यों का बचाव किया और कहा, ‘हमने दरों को कम रखकर अर्थव्यवस्था के पूर्ण पतन को रोका है और समय से पहले कड़ाई बरतने से बचे रहे।’ उन्होने कहा, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और अपने व्यापक आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों और बफर से ताकत हासिल कर रही है। आईएमएफ के अनुसार, भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हम मुद्रास्फीति के रुझान की निगरानी कर रहे हैं। मुद्रास्फीति पर 'अर्जुन की नजर' रखने का हमारा प्रयास निरंतर जारी है।’