गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती नुकसान के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी 23,250 के ऊपर पहुंचा। अब बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय पर प्रतिक्रिया देंगे। विश्लेषकों ने निफ्टी में आधार निर्माण की संभावना जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती गिरावट के बाद तेजी लौटी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर पहुंच गए। निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत निर्णय पर टिकी हैं।
विज्ञापन
सेंसेक्स 60.99 अंकों की बढ़त के साथ 74,397.44 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। यह 0.08 फीसदी की मामूली वृद्धि थी। दूसरी ओर, निफ्टी 36.86 अंकों की मजबूती के साथ 23,254.45 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी में 0.16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
बुधवार के सत्र में भारतीय मानक सूचकांक अस्थिर रहे थे। हालांकि, वे मामूली बढ़त के साथ समाप्त हुए थे। विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी में जारी एकीकरण निचले स्तरों पर संभावित आधार निर्माण का संकेत देता है। यह हाल के 22,182-24,774 के उतार-चढ़ाव के 61.8 फीसदी वापसी स्तर के आसपास है।
बाजार में क्यों लौटी हरियाली?
गुरुवार को बाजार ने लाल निशान पर शुरुआत की थी। लेकिन जल्द ही निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी। इससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बढ़त दर्ज हुई। यह शुरुआती नुकसान को मिटाकर हरे निशान पर आ गए। बाजार की इस वापसी ने निवेशकों को कुछ राहत दी है।
आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी?
विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी में अभी भी 'उच्चतर उच्च-उच्चतर निम्न' संरचना का अभाव है। इससे व्यापक बाजार धारणा सतर्क बनी हुई है। बाजार अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय का इंतजार कर रहा है। यह निर्णय बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों को आगामी दिनों में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है।