सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार फिसलकर बंद हुआ। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चा तेल का महंगा होने से पेट्रोल डीजल के दामों में इजाफा होने का खतरा रहा। इसके साथ ही शेयर बाजार में जेट एयरवेज का शेयर अपने सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स 495 अंक और निफ्टी 158 अंकों की कमजोरी के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 39 हजार के स्तर से फिसलकर 38645 और निफ्टी 11594 पर आ गया। बैंक शेयरों में भी बिकवाली हावी रही और बैंक निफ्टी करीब 500 अंक टूटा है। मिडकैप इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुआ है। सबसे ज्यादा दबाव आज तेल-गैस, एविएशन, ऑटो और मेटल शेयरों में देखने को मिला है।
कच्चा तेल छह महीने की तेजी पर
ग्लोबल मार्केट में क्रूड करीब छह महीने की ऊंचाई पर है। ब्रेंट ने 74 डॉलर का स्तर भी पार किया। वहीं नायमैक्स क्रूड 65 डॉलर के ऊपर है। घरेलू बाजार में इसका दाम 4600 रुपये के करीब पहुंच गया है। इस साल कच्चे तेल में करीब 40 फीसदी की तेजी आ चुकी है। दरअसल अमेरिका ईरान के क्रूड पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने की तैयारी में है।
जेट का शेयर भी हुआ धड़ाम
1 अप्रैल से अबतक जेट एयरवेज के शेयर में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। 22 अप्रैल को जेट एयरवेज का शेयर 126.65 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह भाव दस साल में सबसे कम है। जेट एयरवेज का शेयर अपने लाइफ टाइम हाई से 1,250 रुपये से ज्यादा टूट चुका है। आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2005 में जेट एयरवेज के शेयर ने 1,382.75 रुपये का लाइफ टाइम हाई बनाया था। उसके बाद कंपनी का शेयर दोबारा उस स्तर को नहीं छू सका।
इन शेयरों में रही गिरावट
सेंसेक्स में पीसी ज्वैलर्स में 11.02 फीसदी, डीएचएफएल में 10.91 फीसदी, रिलायंस कैपिटल में 10.71 फीसदी, टाटा स्टील में 9.14 फीसदी और इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस में 9.02 फीसदी की गिरावट रही। निफ्टी में बीपीसीएल में 4.40 फीसदी, आईओसी में 3.27 फीसदी, भारती एयरटेल में 2.38 फीसदी, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस में 2.13 फीसदी और यस बैंक में 2.09 फीसदी की गिरावट रही।