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Sensex Closing Bell: कमजोर वैश्विक संकेतों के बाद फिसला बाजार, सेंसेक्स 398 अंक टूटा, निफ्टी 17000 से नीचे

Fri, 24 Mar 2023 06:04 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शेयर बाजार - फोटो : iStock
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लगातार दूसरे दिन घरेलू शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स बेंचमार्क 398.18 अंक फिसलकर 57,527.10 अंकों के लेवल पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी बेंचमार्क 131.85 अंक टूटकर 16,945.05 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। शुक्रवार के कारोबारी सेशन के दौरान बजाज ट्विन्स के शेयरों में चार प्रतिशत तक की गिरावट आई।

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# हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल


# निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर शेयर्स
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# हफ्तेभर में निवेशकों को तीन लाख करोड़ रुपये का हुआ नुकसान

बीते एक हफ्ते के दौरान शेयर बाजार में निवेशकों को 3 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। पिछले हफ्ते शुक्रवार को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 257.52 लाख करोड़ रुपए था, वह इस हफ्ते 254.44 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

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# सोने की कीमतों में 70 रुपये का हुआ इजाफा
वैश्विक स्तर पर बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में तेजी के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने के भाव 70 रुपये की तेजी के साथ 59,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 59,380 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। चांदी भी 520 रुपये की तेजी के साथ 70,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।

# वेदांता लिमिटेड ने विंडफॉल टैक्स के के विरोध में उठाया ये कदम
खनन क्षेत्र के दिग्गज अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड ने नौ महीने पुराने विंडफॉल टैक्स  (अप्रत्याशित कर) के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए तेल और गैस क्षेत्रों से सरकार को होने वाले लाभ के हिस्से से करीब 9.91 करोड़ डॉलर की राशि रोक दी है। भारत ने पहली बार 1 जुलाई, 2022 को अप्रत्याशित लाभ कर लगाया था। सरकार अपने इस कदम से ऊर्जा कंपनियों के सुपर सामान्य मुनाफे पर कर लगाने वाले देशों में शामिल हो गया था। लेकिन स्थानीय रूप से उत्पादित कच्चे तेल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) लगाने के फैसले का उत्पादक कंपनियों ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने इसे उस अनुबंध का उल्लंघन मानते हैं जो राजकोषीय स्थिरता प्रदान करता है। एसएईडी (Special Additional Excise Duty) शुरू में 23,250 रुपये प्रति टन (40 डॉलर प्रति बैरल) था लेकिन सरकार ने आगे चलकर इसमें पाक्षिक संशोधन करते हुए घटाकर 3,500 रुपये प्रति टन कर दिया था।

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