फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Order Spoofing: सेबी ने 4 निदेशकों पर बाजार में कारोबार करने पर रोक लगाई, जब्त होगी ₹3.22 करोड़ की अवैध कमाई

Tue, 29 Apr 2025 02:54 AM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

ऑर्डर स्पूफिंग हेराफेरी में सेबी ने स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी- पटेल वेल्थ एडवाइजर पर सख्त कार्रवाई की है। सेबी ने कंपनी के चार निदेशकों पर कारोबार करने पर रोक भी लगा दी है। सेबी ने 3.22 करोड़ की अवैध कमाई जब्त की है।
विज्ञापन
शेयर बाजार नियामक सेबी - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑर्डर स्पूफिंग हेराफेरी में शामिल होने के कारण बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी पटेल वेल्थ एडवाइजर्स (पीबीडब्य्यूएए) और इसके 4 निदेशकों पर बाजार में कारोबार करने पर रोक लगा दी। इनमें देनिश महेशभाई पटेल, मितुल उमेदलाल वोरा, कौशल वसंतराय पटेल और मिनीश महेशभाई पटेल शामिल हैं।

विज्ञापन


621 मामलों में ऑर्डर स्पूफिंग, शेयरों की कीमतों में हेरफेर के आरोप
सेबी ने निदेशकों के 3.22 करोड़ रुपये की अवैध कमाई जब्त करने का भी आदेश दिया है। कंपनी पर 621 मामलों में ऑर्डर स्पूफिंग कर शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने का आरोप है। बता दें कि ऑर्डर स्पूफिंग में कोई ट्रेडर्स जानबूझकर ऐसा ऑर्डर देता है, जिसे वह निपटाने से पहले ही निरस्त कर देता है और उसी समय दूसरी तरफ ट्रेड करता है।

ये भी पढ़ें- Gold Silver Price: अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की उम्मीद से ₹1000  गिरा सोना, ₹98400 प्रति 10 ग्राम पर भाव
विज्ञापन


बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाया, लोगों को किया गुमराह
सेबी के होल-टाइम मेंबर कमलेश वार्ष्णेय ने 41 पेज के आदेश में कहा, पटेल वेल्थ एडवाइजरों ने इसका इस्तेमाल दूसरों को गुमराह करने और बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाने के लिए किया। इसने बाजार की कीमतों में अव्यवस्था पैदा की और बाजार को कमजोर किया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Q4 Results: यूको बैंक का शुद्ध मुनाफा जनवरी-मार्च में 24 प्रतिशत बढ़कर 665.7 करोड़ रुपये, बैंक ने किया यह एलान

क्या है ऑर्डर स्पूफिंग

ऑर्डर स्पूफिंग एक अवैध व्यापार गतिविधि है, जिसमें शेयरों के बड़े पैमाने पर खरीद या बिक्री के ऑर्डर दिए जाते हैं। ऑर्डर को निष्पादन से पहले रद्द करने का इरादा होता है, जबकि साथ ही ऑर्डर बुक के विपरीत पक्ष पर व्यापार निष्पादित किए जाते हैं। इस तरह के ऑर्डर को स्पूफ साइड कहा जाता है, और इसमें शामिल व्यापारी को स्पूफर के रूप में जाना जाता है। यह प्रथा बाजार में गलत मांग या आपूर्ति का भ्रम पैदा करती है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है और अनजान निवेशकों को नुकसान पहुंचता है।

संबंधित वीडियो--

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें