भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) ने हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से सेबी अध्यक्ष माधवी पुरी बुच के खिलाफ लगाए गए आरोपों कर्मचारियों की शिकायतों और आरोप लगाने के बाद पहली बार बोर्ड बैठक हुई। सेबी की वेबसाइट पर जानकारी दी गई जानकारी के अनुसार बोर्ड बैठक में विशाल मेगा मार्ट, एसीएमई सोलर होल्डिंग्स, ममता मशीनरी को आईपीओ लाने की सेबी की मंजूरी दी गई है।
तीन कंपनियों- सुपरमार्ट प्रमुख विशाल मेगा मार्ट, अक्षय ऊर्जा फर्म एसीएमई सोलर होल्डिंग्स और पैकेजिंग उपकरण निर्माता ममता मशीनरी- को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के जरिए धन जुटाने के लिए सेबी की मंजूरी मिल गई है, सोमवार को नियामक के साथ एक अपडेट से पता चला। दूसरी ओर, नियामक ने मैनपावर सर्विसेज कंपनी इनोविजन के ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट को वापस कर दिया है, जिसका प्रस्तावित आईपीओ 315 करोड़ रुपये के शेयरों के नए जारी करने और 11.81 लाख शेयरों तक की बिक्री की पेशकश (ओएफएस) का मिश्रण था।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पिछले सप्ताह कई बड़े आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) को हरी झंडी दे दी है, जिससे चालू त्यौहारी सीजन के दौरान बड़ी संख्या में आईपीओ लांच होने का रास्ता साफ हो गया है। सेबी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हुंडई मोटर इंडिया, जो कि देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा और जिसका मूल्य करीब 25,000 करोड़ रुपये होगा, को 24 सितंबर को बाजार नियामक से निरीक्षण पत्र प्राप्त हुआ।
वहीं सेबी ने एनएसई डेटा एंड एनालिटिक्स लिमिटेड पर 12 लाख रुपसे का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना इसलिए लगाया गया है कि कंपनी अपने आईटी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारयों को अपनी प्रमुख कंपनी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) से अलग नहीं रख पाई साथ ही सेबी ने कंपनी को जुर्माना भरने के लिए 45 दिन का समय दिया है।
नया परिसंपत्ति वर्ग शुरू करने का प्रस्ताव मंजूर
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने उच्च जोखिम वाले निवेशकों के लिए एक नया परिसंपत्ति वर्ग शुरू करने के प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी दे दी है। इससे म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं के बीच लचीलेपन में अंतर कम होगा। बोर्ड बैठक के बाद जारी एक बयान में, सेबी ने कहा कि उसके बोर्ड ने अनुपालन आवश्यकताओं को कम करने के लिए निष्क्रिय रूप से प्रबंधित म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए नियामक ढांचे में ढील देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
कुल मिलाकर, बोर्ड ने 17 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है, जिसमें अंदरूनी व्यापार नियमों में संशोधन और निवेश सलाहकारों और अनुसंधान विश्लेषकों के लिए पात्रता मानदंड और अनुपालन आवश्यकताओं में ढील देना शामिल है। इस फैसले से निवेशकों को अधिक लचीलापन और जोखिम लेने की क्षमता मिलेगी। न्यूनतम निवेश आवश्यकता 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जो 10-50 लाख रुपये के बीच निवेश करने वाले निवेशकों को लक्षित करती है।
बुच के खिलाफ आरोपों के बाद बोर्ड की यह पहली बैठक
अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च और कांग्रेस पार्टी द्वारा सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच के खिलाफ आरोप लगाने के बाद यह पहली बोर्ड बैठक है। हिंडनबर्ग ने बुच और उनके पति पर अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी द्वारा नियंत्रित ऑफशोर फंड में निवेश करने का आरोप लगाया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर राउंड ट्रिप फंड और स्टॉक की कीमतें बढ़ाने के लिए किया गया था।
यह भी आरोप लगाया गया कि सेबी ने रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी) से संबंधित नियमों में संशोधन किया था, जिससे ब्लैकस्टोन को फायदा हुआ, जहां बुच के पति एक वरिष्ठ सलाहकार थे। बुच और सेबी ने आरोपों से इनकार किया था। इनके अलावा, सेबी बोर्ड ने बिचौलियों द्वारा प्रतिभूति कानूनों के कुछ उल्लंघनों को अधिक तेजी से और कुशलता से संभालने के लिए मध्यस्थ नियमों में 'सारांश कार्यवाही' के प्रावधानों को पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इसके अलावा, सेबी ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जो प्रमोटरों को राइट्स इश्यू के दौरान चुनिंदा निवेशकों को अपने अधिकार हस्तांतरित करने की अनुमति देगा, जिससे संभावित रूप से बाजार में अधिक निवेश आकर्षित होगा।