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Scam: कंप्यूटर में खराबी के नाम पर अमेरिका में धोखाधड़ी, CBI व दिल्ली पुलिस की मदद से FBI ने किया भंडाफोड़

Sat, 17 Dec 2022 11:10 AM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Computer Fraud in America: यूएस अटॉर्नी फिलिप आर सेलिंगर ने एक बयान में, इस ट्रांस-नेशनल टेक सपोर्ट घोटाले का भंडाफोड़ करने में सहायता के लिए भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई और दिल्ली पुलिस को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि मामले में कई भारतीय मूल के अमेरिकी और कनाडाई नागरिक भी शामिल हैं। 
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तकनीकी सहायता प्रदान करने के नाम पर ठगी - फोटो : demo pic
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय घोटाले का पर्दाफाश करने में एफबीआई की मदद की है, इस घोटाले में पिछले 10 वर्षों में हजारों अमेरिकियों जिनमें ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक हैं से उन्हें टेक सपोर्ट देने के नाम पर लाखों डॉलर की ठगी की गई थी। एक अमेरिकी वकील इस बात की जानकारी दी है। नई दिल्ली के 34 वर्षीय हर्षद मदान और फरीदाबाद के 33 वर्षीय विकास गुप्ता को इस सप्ताह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तीसरा भारतीय गगन लांबा (41) फिलहाल नई दिल्ली से फरार है। गगन का भाई जतिन लांबा भी पुलिस हिरासत में है। सभी पर वायर फ्रॉड और कंप्यूटर फ्रॉड करने की साजिश कर डॉलर ठगने का आरोप लगा है।

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cyber fraud mobile email new - फोटो : istock

# अमेरिकी अधिकारी ने सीबीआई और दिल्ली पुलिस को धन्यवाद कहा
यूएस अटॉर्नी फिलिप आर सेलिंगर ने एक बयान में, इस ट्रांस-नेशनल टेक सपोर्ट घोटाले का भंडाफोड़ करने में सहायता के लिए भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई और दिल्ली पुलिस को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि मामले में कई भारतीय मूल के अमेरिकी और कनाडाई नागरिक भी शामिल हैं। भारतीय-अमेरिकी, 50 वर्षीय मेघना कुमार ने इस सप्ताह आरोपों को स्वीकार किया है। ओंटारियो के 33 वर्षीय जयंत भाटिया को कनाडा के अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं न्यूयॉर्क के रिचमंड हिल के 34 वर्षीय कुलविंदर सिंह पर मनी लॉन्ड्रिंग और इससे जुड़े कानूनों में दोषी पाया गया है।

cyber fraud - फोटो : istock
# 10 वर्षों तक जारी रहा तकनीकी सहायता के नाम पर जालसाजी का खेल
अभियोग में आरोप लगाया गया है कि 2012 से नवंबर 2022 तक आरोपियों ने एक आपराधिक धोखाधड़ी गिरोह के सदस्य के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत और कनाडा में तकनीकी सहायता प्रदान करने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की। खासकर इन्होंने न्यू जर्सी सहित संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में पीड़ितों को निशाना बनाया, जिनमें से कई बुजुर्ग थे।
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डेमो - फोटो : डेमो
# 20000 पीड़ितों से एक करोड़ डॉलर ठगे गए
ये पहले लोगों को विश्वास दिलाते थे कि कि उनके व्यक्तिगत कंप्यूटर वायरस या मैलवेयर से संक्रमित हैं, उसके बाद से संबंधित समस्या को दूर करने के लिए पीड़ितों को सैकड़ों या हजारों डॉलर का भुगतान करने के लिए राजी करते थे। संघीय अभियोजकों ने दावा किया है कि साजिश के दौरान धोखाधड़ी गिरोह ने कम से कम 20,000 पीड़ितों से 1 करोड़ अमरीकी डालर से अधिक की कमाई की।
 
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