Supreme Court: न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने अदाणी पावर की ओर से उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को नोटिस जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अदाणी पावर लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर हिमाचल प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में किन्नौर जिले में दो जलविद्युत परियोजनाओं के संबंध में राज्य सरकार से ब्याज सहित 280 करोड़ रुपये वापस करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 18 जुलाई को अदाणी पावर को 280 करोड़ रुपये की राशि लौटाने के एकल पीठ के फैसले को पलट दिया था। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने अदाणी पावर की ओर से उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को नोटिस जारी किया।
अदाणी पावर ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उच्चतम न्यायालय में अदाणी पावर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है, “यहां यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण होगा कि हिमाचल सरकार की मंत्रिपरिषद ने चार सितम्बर, 2015 को निर्णय के तहत प्रतिदाय जारी करने का निर्णय लिया था। निस्संदेह, राज्य ने अपनी इच्छा से याचिकाकर्ता (अदाणी पावर) को उक्त धनराशि वापस करने का निर्णय लिया था।”
विज्ञापन
इसमें कहा गया, “हालांकि, याचिकाकर्ता बिना किसी कारण के और राज्य के जोखिम पर अर्थसंकट का सामना कर रहा है। इससे याचिकाकर्ता की वित्तीय क्षमता और निवेश प्रवाह पर बहुत बुरा असर पड़ा है।”
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 2022 में एकल पीठ के फैसले के खिलाफ हिमाचल प्रदेश सरकार की आरे से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया था। यह मामला दो जलविद्युत परियोजनाओं - जंगी थोपन और थोपन पोवारी- से संबंधित है, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 480 मेगावाट है।