देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने रिजर्व बैंक की नीतिगत दर में कटौती के बाद अपनी उधार दरें 25 आधार अंक घटाने का एलान किया है। इससे मौजूदा और नए उधारकर्ताओं दोनों के लिए लोन लेना सस्ता हो गया है। एमपीसी के बाद रेपो रेट में कटौती के बाद, एसबीआई की रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (आरएलएलआर) 25 आधार अंकों की कमी के साथ 8.25 प्रतिशत हो जाएगी।
एसबीआई के अनुसार, 3 करोड़ रुपये तक की सावधि जमा (एफडी) के लिए, 1-2 वर्ष की अवधि की जमाराशि पर ब्याज दर 10 आधार अंक कम होकर 6.70 प्रतिशत रह जाएगी। इसके अलावा, 2 वर्ष से 3 वर्ष तक की परिपक्वता अवधि वाली जमाराशि पर 7 प्रतिशत के स्थान पर 6.90 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
ये भी पढ़ें: Diesel Demand: कोरोना संकट के बाद डीजल की मांग में सबसे धीमी वृद्धि, जानिए क्या कहते हैं सरकार के आंकड़े
वहीं, 3 करोड़ रुपये से अधिक की सावधि जमा के मामले में, 180 दिन से 210 दिन की परिपक्वता अवधि वाली सावधि जमा पर ब्याज दर 20 आधार अंक घटाकर 6.40 प्रतिशत कर दी गई है। 211 दिन से 1 वर्ष से कम अवधि वाली सावधि जमा पर ब्याज दर 25 आधार अंक घटाकर 6.50 प्रतिशत कर दी गई है।
'444 दिन' (अमृत वृष्टि) की विशिष्ट अवधि योजना 15 अप्रैल, 2025 से 7.05 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध होगी। इस योजना में वरिष्ठ नागरिकों को 7.55 प्रतिशत और अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.65 प्रतिशत की ब्याज दर की पेशकश की गई है।
इस बीच, निजी क्षेत्र के प्रमुख एचडीएफसी बैंक ने बचत खातों पर ब्याज दर 25 आधार अंक घटाकर 2.75 प्रतिशत कर दी है, जो निजी क्षेत्र के अन्य बैंकों की तुलना में सबसे कम है। 50 लाख रुपये से अधिक के बैलेंस पर अब ब्याज दर 3.5 प्रतिशत से घटकर 3.25 प्रतिशत हो गई है। एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के अनुसार, ब्याज दर में यह कटौती 12 अप्रैल से प्रभावी है।
ये भी पढ़ें: Mining: खनन गतिविधियों से प्रभावित लोगों की भलाई के लिए सरकार का कदम, DMF और PMKKKY की दक्षता में होगा सुधार
सार्वजनिक क्षेत्र के एक अन्य बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी 400 दिन की विशेष जमा योजना वापस ले ली है, जिसमें 7.3 प्रतिशत ब्याज दिया जाता था। मुंबई स्थित बैंक ऑफ इंडिया ने अपने होम लोन की ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की है, जिससे नए और मौजूदा दोनों ग्राहकों को लाभ होगा।