अभिनेता सलमान खान ने अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी का रुख किया है। उन्होंने जेराई फिटनेस पर 7.24 करोड़ रुपये बकाया होने का आरोप लगाया है। यह विवाद उनके ब्रांड ‘बीइंग स्ट्रॉन्ग’ से जुड़ा है। एनसीएलटी ने पहले उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। अब सलमान ने उस आदेश के खिलाफ अपील की है।
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मामले पर सलमान खान की अपील पिछले हफ्ते NCLAT की दो सदस्यीय पीठ के सामने लगी थी। हालांकि, उनके वकील के अनुरोध पर सुनवाई टल गई। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की पीठ ने अब इस पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को तय की है।
वसूली कार्यवाही से जुड़ा है मामला
इससे पहले मुंबई बेंच के NCLT ने 30 मई 2025 को सलमान खान की अर्जी खारिज करते हुए कहा था कि पूरा दावा निर्विवाद ऋण की श्रेणी में नहीं आता और यह मामला वसूली कार्यवाही के दायरे का है। हालांकि, अधिकरण ने स्वीकार किया था कि 1.63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पर डिफॉल्ट हुआ है।
क्या है पूरा विवाद?
सलमान खान, जिनके पास 'बीइंग स्ट्रॉन्ग' ट्रेडमार्क के विशेष अधिकार हैं, ने अक्टूबर 2018 में जेराई फिटनेस के साथ लाइसेंस समझौता किया था। कोविड-19 के दौरान कारोबारी व्यवधान को देखते हुए उन्होंने कंपनी को रॉयल्टी भुगतान में छूट भी दी थी। लेकिन भुगतान न होने पर उन्होंने सितंबर 2024 में 7.24 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस भेजा था। वहीं जेराई फिटनेस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद मौजूद है और कंपनी ने 'एक्स-टेंड' व 'प्रोटॉन' सीरीज जैसे नए प्रोडक्ट लॉन्च के लिए भारी निवेश किया है।
एनसीएलटी ने जांच में क्या पाया?
NCLT ने अपने आदेश में कहा था कि जेराई फिटनेस को 'बीइंग स्ट्रॉन्ग' ब्रांड के तहत उत्पाद बनाने, बेचने और प्रचार की अनुमति है। हालांकि, इन धाराओं के अनुसार, याचिकाकर्ता को उत्पादों के विनिर्माण, प्रचार, विपणन और वितरण के संबंध में सभी प्रमुख और महत्वपूर्ण निर्णयों की पूर्व सूचना दी जानी थी। ऐसे निर्णय याचिकाकर्ता की ओर से अलवीरा अग्निहोत्री या उनके अधिकृत व्यक्ति की मंजूरी से ही लिए जा सकते हैं।