शेयर बाजार नियामक सेबी
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सेबी ने मामले के मास्टरमाइंड के बारे में दी यह जानकारी
अंतिम आदेश में सेबी ने पाया कि इस पूरे ऑपरेशन के पीछे के मास्टरमाइंड गौरव गुप्ता, राकेश कुमार गुप्ता और मनीष मिश्रा थे। आदेश में कहा गया है कि साधना ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (एसबीएल) के आरटीए के निदेशक सुभाष अग्रवाल ने मनीष मिश्रा और प्रमोटरों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। सेबी ने कहा कि ये ही प्रमुख लोग थे जिन्होंने इस धोखाधड़ी की पूरी की योजना बनाई और उसे क्रियान्वित किया। इसके अलावा, नियामक ने पाया कि पीयूष अग्रवाल और लोकेश शाह ने अपने खातों को मनीष मिश्रा और एसबीएल के प्रमोटरों के हेरफेरपूर्ण डिजाइनों में इस्तेमाल होने दिया। आदेश में कहा गया है कि इसी प्रकार, जतिन शाह ने योजना को क्रियान्वित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। वहीं, अन्य संस्थाओं ने चालाकीपूर्ण डिजाइनों को सुविधाजनक बनाया और जल्दी पैसा कमाने के लिए इसमें शामिल हुए।
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109 पन्नों के आदेश में सेबी ने दी यह जानकारी
109 पन्ने के आदेश में सेबी ने कहा कि नोटिस प्राप्तकर्ताओं (संस्थाओं) ने सूचना वाहक के रूप में काम किया है या हेरफेर वाले ट्रेडों में सहायता की है। हालांकि, उन्होंने अपने स्वयं के खातों से शेयरों में कारोबार नहीं किया है। आदेश में कहा गया है कि योजना के दूसरे चरण में मनीवाइज, द एडवाइजर और प्रॉफिट यात्रा जैसे यूट्यूब चैनलों पर भ्रामक और प्रचारात्मक वीडियो प्रसारित किए गए, जिनका संचालन मनीष मिश्रा की ओर से किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन वीडियोज ने एसबीएल को एक आशाजनक निवेश अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया और इनका समय बाजार की गतिविधियों के अनुरुप तय किया गया।