विदेशी बाजार में डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में रातोंरात उछाल से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा। सोमवार को रुपया सीमित दायरे में मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले तीन पैसे की गिरावट के साथ 88.82 (अनंतिम) के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।
मिराए एसेट शेयरखान के मुद्रा एवं कमोडिटीज के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि घरेलू बाजारों में मजबूती और डॉलर में समग्र कमजोरी के कारण रुपया सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी भी रुपये के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, डॉलर के लिए आयातक मांग तेज बढ़त को रोक सकती है। डॉलर/रुपये की हाजिर कीमत 88.50 से 89 के बीच रहने की उम्मीद है।
इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.43 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.61 प्रतिशत बढ़कर 65.58 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच किसी भी व्यापार समझौते में नई दिल्ली की लाल रेखाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और समझ तक पहुंचने के प्रयास चल रहे हैं। एक कार्यक्रम में संवाद सत्र में जयशंकर ने स्वीकार किया कि भारत और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दे हैं और उनमें से कई प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में असमर्थता से जुड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिन पर आप बातचीत कर सकते हैं और कुछ ऐसी भी हैं जिन पर आप बातचीत नहीं कर सकते।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 582.95 अंक उछलकर 81,790.12 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 183.40 अंक बढ़कर 25,077.65 पर बंद हुआ। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध आधार पर 1,583.37 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।
इस बीच, शुक्रवार को आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 26 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.334 अरब डॉलर घटकर 700.236 अरब डॉलर रह गया। पिछले समीक्षाधीन सप्ताह में यह राशि 396 मिलियन डॉलर घटकर 702.57 अरब डॉलर रह गई थी।
इस बीच, घरेलू वृहद आर्थिक मोर्चे पर, सोमवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर सितंबर में अगस्त के उच्च स्तर से कम हो गई, क्योंकि नए कारोबार और गतिविधि में धीमी गति से वृद्धि हुई। प्रतिस्पर्धी स्थितियों और लागत नियंत्रण उपायों के बीच, मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स सितंबर में 60.9 पर आ गया, जो अगस्त में 15 साल के उच्चतम स्तर 62.9 पर था।