अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर लुढ़क गया है। बुधवार को 30 पैसे टूटकर रुपया 68.86 के स्तर पर आ गया, जो कि अब तक का रुपया का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले करीब तीन साल पहले यानी 28 अगस्त 2013 में रुपया डॉलर के मुकाबले लुढ़क कर 68.80 के स्तर पर आया था।
रुपये की पस्त होती हालत के पीछे मुख्य वजह विदेशी फंडों की लगातार निकासी बताई जा रही है। इसके अलावा अमेरिका की केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से भी रुपये का स्तर गिर रहा है। घरेलू शेयर बाजारों की धीमी शुरुआत भी इसके लिए जिम्मेदार बताई जा रही है।
बुधवार को रुपया 31 पैसे टूटकर 68.56 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि बीते 9 महीनों में सबसे निचला स्तर था। वहीं, गुरुवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 145.97 अंक (0.56 प्रतिशत) गिरकर 25905.84 अंक पर खुला।