अमेरिकी डॉलर के ऊंचे स्तर से गिरने के कारण गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे मजबूत होकर 81.67 रुपये के लेवल पहुंच गया। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज पर घरेलू इकाई डॉलर के मुकाबले 81.72 पर खुली, फिर अपने पिछले बंद भाव से 26 पैसे की वृद्धि दर्ज करते हुए 81.67 पर पहुंच गई।
व्यापक आधार वाली डॉलर की कमजोरी से शुरुआती कारोबार में रुपया मजबूत हुआ है। IFA ग्लोबल रिसर्च एकेडमी ने एक रिसर्च नोट में कहा है कि साइडवेज प्राइस एक्शन के साथ इसके 81.55-81.85 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। डॉलर सूचकांक जो छह मुद्राओं की एक बास्केट की तुलना में 0.41 प्रतिशत गिरकर 105.63 पर आ गया है ऐसा कमजोर अमेरिकी डेटा और फेड के मिनट्स जारी किए जाने के बाद हुआ है।
आईएफए ग्लोबल रिसर्च एकेडमी के अनुसार "फेड की नवीनतम बैठक के मिनट्स से संकेत मिले हैं कि अधिकांश फेड सदस्य दर वृद्धि की गति को धीमा करने के समर्थन में थे, लेकिन 'विभिन्न' फेड सदस्यों ने दरों को भी प्राथमिकता दी है।
कोटक सिक्योरिटीज के एनालिस्ट रविंद्र राव के अनुसार बुधवार को एफओएमसी बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद अमेरिकी डॉलर गिर गया। यह पहले से अपेक्षित था, यह दर्शाता है कि अधिकांश नीति निर्माता धीमे दर वृद्धि के दृष्टिकोण के साथ थे क्योंकि हाल ही में फेड के आक्रामक रुख से आर्थिक विकास प्रभावित हुआ है।
पिछले सत्र में अमेरिकी डॉलर सूचकांक 106.03 के दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ, जो 1% से अधिक की गिरावट है। हालांकि फेड के मिनट्स ने जंबो दर वृद्धि के अंत के संकेत दिए हैं, लेकिन नीति निर्माता इस बात को लेकर अनिश्चित दिखे कि दर वृद्धि का अंत कब होगा। फेड द्वारा छोटी दरों में बढ़ोतरी जोखिम वाले लोगों के साथ-साथ सोने जैसी सुरक्षित आश्रय संपत्ति के लिए सकारात्मक है क्योंकि यह डॉलर की कमजोरी का समर्थन करता है।
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.21 फीसदी गिरकर 85.23 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। घरेलू इक्विटी बाजार में, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 180.14 अंक या 0.29 प्रतिशत बढ़कर 61,690.72 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह, व्यापक एनएसई निफ्टी 66.50 अंक या 0.36 प्रतिशत बढ़कर 18,333.75 पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बुधवार को पूंजी बाजार में नेट सेलर रहे, उन्होंने कुल 789.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।