घरेलू शेयर बाजार में नकारात्मक रुख और वैश्विक बाजारों में डॉलर के मजबूत रुख से रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे टूटकर 83.10 (अस्थायी) रुपये प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने और अमेरिकी डॉलर में तेजी के कारण रुपये में नकारात्मक रुख के साथ कारोबार होने की आशंका है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 83.10 पर खुला और अंत में यह अपने पिछले बंद भाव से दो पैसे की गिरावट के साथ 83.10 (अस्थायी) के स्तर पर ही बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपया 82.99 के ऊपरी और 83.16 के निचले स्तर तक गया। इससे पहले सोमवार को रुपया 26 पैसे टूटकर 83.08 रुपये प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था।
विदेशी मुद्रा बाजार मंगलवार और बुधवार को क्रमश: स्वतंत्रता दिवस और पारसी नववर्ष के अवसर पर बंद था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत बढ़कर 103.48 पर पहुंच गया।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ''एशियाई मुद्राओं और जोखिम से बचने की धारणा के कारण रुपये में कमजोरी दिखी।"