गुजरात में फुटबॉल सट्टेबाजी का फर्जी एप चलाकर सैकड़ों लोगों को ठगने का आरोपी एक चीनी नागरिक धनशोधन और 2,300 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन में भी शामिल था। राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के एक अधिकार को बुधवार को यह खुलासा किया।
चीनी नागरिक वू चोम्बो के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया गया है, वह 2019 में गुजरात गया था और कुछ समय के प्रवास के बाद चला गया था।
गुजरात सीआईडी के एक अधिकारी ने कहा कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के बैंक खातों से 2300 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चलने के बाद सीआईडी-अपराध और रेलवे के अधिकारियों ने मार्च में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से इस मामले में धनशोधन के एंगल से अलग से जांच करने का अनुरोध किया था।
पिछले साल, फुटबॉल सट्टेबाजी ऐप "दानी डेटा" के माध्यम से पैसे गंवाने के बाद कई लोगों ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया था। ऊंचे रिटर्न के वादे के लालच में उन्होंने ऐप के जरिए दांव लगाया था और पैसे जमा किए थे। हालांकि, ऐप जल्द ही बंद हो गया और पीड़ितों ने अपने पैसे खो दिए। सीआईडी की जांच में पता चला कि गुजरात के कुल 1,175 लोगों ने इस घोटाले में 3.5 करोड़ रुपये गंवाए। अधिकारी ने कहा कि लोगों को ठगने के लिए एप ऑपरेटरों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और बिहार सहित अन्य राज्यों में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सीआईडी ने बाद में सट्टेबाजी ऐप के साथ-साथ हवाला घोटाले से कथित तौर पर जुड़े दस लोगों को गिरफ्तार किया। हवाला लेनदेन अक्सर अवैध तरीके से अनौपचारिक चैनलों के माध्यम से धन हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करता है। अधिकारी ने कहा कि वू चोम्बो को धोखाधड़ी वाले एप चलाने मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
भारत में रहने के दौरान, वू टीके कलर प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक बन गया। सीआईडी अधिकारी ने बताया कि उसके बाहर निकलने के बाद दो भारतीय इसके निदेशक बन गए और कथित तौर पर कमीशन के लिए उसकी ओर से हवाला लेन-देन भी किया।
अधिकारी ने कहा, "सट्टेबाजी घोटाले की जांच के दौरान हमें पता चला कि आरोपियों की ओर से शुरू की गई कई मुखौटा कंपनियों के बैंक खातों से 3,5 करोड़ रुपये का हवाला लेनदेन किया गया। इससे संकेत मिलता है कि सट्टेबाजी एप के माध्यम से धन एकत्र करने के अलावा, आरोपी अन्य स्रोतों से प्राप्त धन को वैध भी बना रहे थे और इसे हवाला के माध्यम से अन्य देशों में भेज रहे थे। गुजरात सीआईडी के अधिकारी ने कहा कि सट्टेबाजी घोटाले में आगे की जांच जारी है।