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Rice Production: केंद्र सरकार का अनुमान, इस साल 3.79 प्रतिशत घटकर 106.31 मिलियन टन रहेगा चावल का उत्पादन

Sat, 28 Oct 2023 07:46 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दालों में, तुअर का उत्पादन इस वर्ष पिछले वर्ष के 3.31 मिलियन टन के मुकाबले थोड़ा अधिक 3.42 मिलियन टन होने की उम्मीद है। मूंग का उत्पादन 1.40 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 1.71 मिलियन टन से कम है। 
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छत्तीसगढ़ से काला नमक चावल के लिए भारी डिमांड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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केंद्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम अनुमान के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्यों में कम बारिश के कारण फसल वर्ष 2023-24 (जुलाई-जून) के खरीफ सीजन में देश का चावल उत्पादन 3.79 प्रतिशत घटकर 106.31 मिलियन टन होने की उम्मीद है। पिछले फसल वर्ष के समान सीजन में चावल का उत्पादन 110.5 मिलियन टन था। चावल मुख्य खरीफ फसल है और इसकी कटाई चल रही है। 

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 मंत्रालय द्वारा जारी अग्रिम खाद्यान्न उत्पादन अनुमान के अनुसार, खरीफ सीजन 2023-24 में मक्के का उत्पादन 22.48 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 23.6 मिलियन टन से कम है। दालों में, तुअर का उत्पादन इस वर्ष पिछले वर्ष के 3.31 मिलियन टन के मुकाबले थोड़ा अधिक 3.42 मिलियन टन होने की उम्मीद है। मूंग का उत्पादन 1.40 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 1.71 मिलियन टन से कम है। 

तिलहलन का उत्पादन घटने के आसार
तिलहन उत्पादन 26.15 मिलियन टन से घटकर 21.53 मिलियन टन होने के आसार हैं। मूंगफली और सोयाबीन का उत्पादन क्रमशः 7.82 मिलियन टन और 11.52 मिलियन टन होने की संभावना है। 
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नकदी फसलों में गन्ने का उत्पादन पिछले साल के 490.53 मिलियन टन से घटकर 434.7 मिलियन टन होने की उम्मीद है। कपास का उत्पादन भी 33.6 मिलियन गांठ से घटकर 31.65 मिलियन गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) और जूट का उत्पादन 9.39 मिलियन गांठ से घटकर 9.19 मिलियन गांठ (प्रत्येक 180 किलोग्राम) होने की उम्मीद है। 

खाद्यान्न का कुल उत्पादन 148.56 मिलियन टन होने की उम्मीद
खरीफ सीजन 2023 के दौरान खाद्यान्न का कुल उत्पादन 148.56 मिलियन टन होने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 155.7 मिलियन टन से कम है। मंत्रालय ने कहा, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 2023-24 (खरीफ) के लिए यह पहला उत्पादन मूल्यांकन काफी हद तक पिछले तीन वर्षों की औसत उपज पर आधारित है और वास्तविक फसल काटने के प्रयोगों के आधार पर उपज अनुमान प्राप्त होने के बाद बदलाव हो सकता है।

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