किसानों के हितों और आजीविका को बचाने के लिए भारत ने कृषि उत्पाद क्षेत्र में अमेरिका को आयात की मंजूरी नहीं देकर एक बड़ा फैसला किया है। कारण यह है कि घरेलू बाजार में जरूरी वस्तुओं की कीमतें थोक भाव में बहुत ज्यादा हैं। हालांकि, खुदरा दाम बहुत कम हैं। ऐसे में अगर भारत शुल्क मुक्त या कम शुल्क पर आयात को मंजूरी देता है तो यह आजीविका के साथ पूरे बाजार को प्रभावित कर सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत में डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि बाजारों तक बेहतर पहुंच की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका मक्का, कपास, बादाम, सोयाबीन जैसे विशेष कृषि उत्पादों पर टैरिफ में काफी कमी चाहता है। साथ ही, आनुवंशिक रूप से संशोधित उत्पादों पर किसी भी तरह के नियमन को हटाने की भी मांग है। हालांकि, भारत सरकार ने किसी भी समझौते से दूरी बना ली है। भारत का कृषि क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में 16 फीसदी का योगदान देता है। 40 फीसदी से अधिक आबादी को आजीविका देता है। 5 वर्षों में इस क्षेत्र की वास्तविक वृद्धि दर औसतन 4.5 फीसदी रही है। अमेरिका में कृषि क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में सिर्फ 0.9 फीसदी योगदान देता है।
भारत ने कृषि निर्यात पर 36.7 फीसदी का साधारण औसत शुल्क लगाया है। यह अमेरिका द्वारा लगाए गए 5 फीसदी शुल्क से अधिक है। हालांकि, यह दक्षिण कोरिया (57 फीसदी), स्विट्जरलैंड (28.5 फीसदी) और थाईलैंड (28.3 फीसदी) जैसे अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। ये दरें उन देशों के साथ (सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र) लागू होती हैं जिनके साथ मुक्त व्यापार समझौता नहीं है।
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थोक भाव में झींगा भारत में 36 फीसदी सस्ता
वैसे थोक भाव में वैश्विक स्तर की तुलना में भारत में सारे सामान महंगे हैं। पर झींगा 36 फीसदी सस्ता है। वैैश्विक बाजारों में इसकी कीमत 56,846 रुपये क्विंटल है। भारत में यह 36,500 रुपये क्विंटल है। मक्का वैश्विक बाजारों में 1,651 रुपये प्रति क्विंटल तो घरेलू बाजार में 2,560 रुपये है। सूरजमुखी तेल 12,788 रुपये की तुलना में हमारे यहां 15,305 रुपये प्रति क्विंटल है। दूध 4,009 रुपये की तुलना में घरेलू बाजार में 5,568 रुपये प्रति 100 लीटर है।
फल पहले से ही सस्ते हैं
भारत में खुदरा मूल्य अमेरिकी समकक्षों की तुलना में सस्ते हैं। सेब, संतरे, आलूबुखारा और अंगूर जैसे आयातित फल पहले से ही सड़क किनारे ठेलों पर बहुत प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध हैं। इसलिए शुल्क में छूट के साथ बड़े पैमाने पर आयात के खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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खुदरा में 55 रुपये किलो चावल
भारत में चावल 55 रुपये किलो है। अमेरिका में यह 61 रुपये है। घरेलू बाजार में बटर एक किलो 630 रुपये और अमेरिका में 702 रुपये में है। चिकन भारत में 460 रुपये किलो और अमेरिका में 459 रुपये है। एक अंडा हमारे यहां 8 और अमेरिका में 9 रुपये में है। सेब अमेरिका में 200 रुपये और भारत में 260 रुपये किलो है।
वैश्विक स्तर पर थोक भाव में ज्यादा अंतर
| वस्तुएं |
भारत में कीमत (₹/क्विंटल) |
वैश्विक बाजार में कीमत (₹/क्विंटल) |
| मूंगफली तेल |
18,098 |
14,855 |
| मसूर दाल |
8,034 |
6,687 |
| उड़द दाल |
10,536 |
8,750 |
| गेहूं |
3,074 |
1,966 |
| सरसो तेल |
16,866 |
10,340 |
| वस्तुएं |
भारत (₹/इकाई) |
अमेरिका (₹/इकाई) |
| गेहूं आटा (किलो) |
50 |
130 |
| चीनी (किलो) |
75 |
209 |
| चाय (100 ग्राम) |
220 |
678 |
| दूध (लीटर) |
65 |
194 |
| सफेद ब्रेड (100 ग्राम) |
100 |
300 |