मई माह में खुदरा महंगाई दर अपने सात माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ही ऐसा देखने को मिला है। वित्त मंत्रालय के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई दर 3.05 फीसदी हो गई है।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी संशोधित आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में 2.99 फीसदी रही। पहले प्रारंभिक आंकड़ों में इसके 2.92 फीसदी पर रहने का अनुमान लगाया गया था।
अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर 3.4 फीसदी के साथ छह महीने के शीर्ष पर पहुंच गई है, जो अक्तूबर 2018 के 8.4 फीसदी के बाद सबसे ज्यादा है। इस दौरान सबसे ज्यादा बढ़त खनन और ऊर्जा क्षेत्र में रही। पिछले साल की समान अवधि में आईआईपी 4.5 फीसदी रही थी।