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NBFC: 'बड़ी एनबीएफसी कंपनियों को बढ़ी हुई नियामक जरूरतों का पूरा करना होगा', रिजर्व बैंक ने जारी की लिस्ट

Thu, 14 Sep 2023 08:56 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिजर्व बैंक के अनुसार, स्कोरिंग पद्धति के अनुसार टीएमएफ बिजनेस सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व की टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड) भी एनबीएफसी की ऊपरी स्तर की लिस्ट में जगह बनाने के योग्य थी लेकिन इसे लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है।
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रिजर्व बैंक ने जारी की एनबीएफसी कंपनियों की लिस्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को कहा कि 15 बड़ी एनबीएफसी कंपनियों, जिनमें एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस आदि को बढ़ी हुई नियामक जरूरतों को पूरा करना होगा। रिजर्व बैंक ने एनबीएफसी कंपनियों को चार वर्गों में विभाजित किया है। इनमें एनबीएफसी-बीएल (आधार स्तर), मध्य स्तर (एनबीएफसी-एमएल), ऊपरी स्तर (एनबीएफसी-यूएल) और शीर्ष स्तर (एनबीएफसी-टीएल) शामिल हैं। 
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15 बड़ी एनबीएफसी कंपनियों की जारी की लिस्ट
एनबीएफसी की ऊपरी स्तर की 15 बड़ी कंपनियों की लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, टाटा संस के साथ ही एल एंड टी फाइनेंस, पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी का नाम शामिल है। इस लिस्ट में इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, आदित्य बिरला फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस और बजाज हाउसिंग फाइनेंस को भी शामिल किया गया है। 

नियमन जरूरतों को बढ़ाना होगा
रिजर्व बैंक के अनुसार, स्कोरिंग पद्धति के अनुसार टीएमएफ बिजनेस सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व की टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड) भी एनबीएफसी की ऊपरी स्तर की लिस्ट में जगह बनाने के योग्य थी लेकिन इसे लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि अभी कंपनी पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है। रिजर्व बैंक ने बताया कि एनबीएफसी कंपनियों को उनकी संपत्ति और स्कोरिंग पद्धति के आधार पर एनबीएफसी-यूएल वर्ग में शामिल किया गया। 
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रिजर्व बैंक ने कहा कि स्केल बेस्ड रेगुलेशन के आधार पर अक्तूबर 2021 में कंपनियों के लिए फ्रेमवर्ग जारी किया गया था। कंपनी के इस वर्ग में वर्गीकृत होने के बाद उस कंपनी को अपनी नियमन जरूरतों को बढ़ाना होगा। साथ ही कंपनी को एक बार ऊपरी स्तर में शामिल करने पर वह कम से कम पांच साल के लिए इस वर्ग में वर्गीकृत रहेगी। 
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