प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर चीनी व्यक्तियों से जुड़े पार्ट-टाइम (अंशकालिक) नौकरी धोखाधड़ी मामले में 6.47 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। इसमें क्रिप्टोकरेंसी के रूप में 71.3 लाख रुपये भी शामिल हैं। कार्रवाई छह कंपनियों और नौ लोगों पर की गई है।
ईडी के मुताबिक, कुछ चीनी व्यक्तियों ने मोबाइल एप 'कीपशेयरर' के जरिए से कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर धोखा दिया। एप एक निवेश एप्लिकेशन से जुड़ा हुआ था। एजेंसी ने एक बयान जारी कर बताया कि जब्त किए गए 6.47 करोड़ रुपये छह कंपनियों और नौ लोगों से जुड़े हैं।
इन कंपनियों पर की गई कार्रवाई
- टोनिंगवर्ल्ड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड
- अंसोल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड
- रेड्रैकून सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
- एनर्जिको डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड
- ब्रिज टेरा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
- एशेंफॉलस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
क्या है मामला?
मामले में बेंगलुरु पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामला दर्ज किया था। आरोपी चीनी नागरिकों ने देश में कंपनियां खोलीं और इनमें भर्ती निदेशक, अनुवादक, मानव संसाधन प्रबंधकों और टेलीकॉलर के रुप में भर्तियां कीं। उन्होंने एप के जरिए निवेश के नाम पर जनता से पैसा इकट्ठा किया। युवाओं को मशहूर हस्तियों का वीडियो पसंद करने और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करने का काम दिया गया था। काम पूरा होने पर प्रति वीडियो 20 रुपये कीपशेयरर वॉलेट में जमा किए गए। बाद में उन्होंने एप को प्ले स्टोर से हटा दिया।
पहले भी हो चुकी कार्रवाई
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में शामिल 12 संस्थाओं में छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 17 के तहत 5.85 करोड़ रुपये जब्त किए थे।