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Real estate : रियल एस्टेट सेक्टर ने बजट को खपत को बढ़ावा देने वाला बताया, SWAMIH 2 की घोषणा का स्वागत किया

Sat, 01 Feb 2025 07:04 PM IST
नविता स्वरूप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

रियल एस्टेट बाजार ने बजट को खपत को बढ़ावा देने वाला बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 ने शहरी और रियल एस्टेट विकास, बिजली और खनन क्षेत्र, वित्तीय सेवाओं और कराधान के साथ विनियामक सुधारों सहित छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों के जरिए 'विकसित भारत' और 'सबका विकास' के लक्ष्य को आगे बढ़ाया है। वहीं रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बजट में एसडब्ल्यूएएमआईएच (किफायती और मध्यम आय आवास) फंड 2  की स्थापना करने की घोषणा की है, जो संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं को सहायता करेगा।
 
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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रियल एस्टेट बाजार ने बजट को खपत को बढ़ावा देने वाला बताते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 ने शहरी और रियल एस्टेट विकास, बिजली और खनन क्षेत्र, वित्तीय सेवाओं और कराधान के साथ विनियामक सुधारों सहित छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों के जरिए 'विकसित भारत' और 'सबका विकास' के लक्ष्य को आगे बढ़ाया है। वहीं रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बजट में एसडब्ल्यूएएमआईएच (किफायती और मध्यम आय आवास) फंड 2  की स्थापना करने की घोषणा की है, जो संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं को सहायता करेगा। जिसका उद्योग ने स्वागत किया है लेकिन किफायती आवास के लिए रियायतें और किराये के आवास के लिए एक राष्ट्रीय नीति जैसे कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान नहीं देने पर उद्योग को निराशा हुई है। बावजूद इसके उद्योग का कहना है कि  एयर कार्गो के लिए बुनियादी सुविधाओं को उन्नत बनाने से देश भर में वेयरहाउसिंग की मांग कई गुना बढ़ेगी, साथ ही छोटे शहरों में जीसीसी स्थापित करने पर ध्यान केंद्रीत करने से भारत के उभरते शहरों में आनेवाले समय में रियल एस्टेट का परिदृश्य बदल जाएगा।
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डिस्पोजेबल आय में वृद्धि से उपभोग खर्च बढ़ेगा, उद्योग को होगा फायदा
नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष शिशिर बैजल बताते हैं केंद्रीय बजट 2025-26 को धीमी जीडीपी वृद्धि, असहनीय मुद्रास्फीती दरें और रुपये में गिरावट की पृष्ठभूमि में पेश किया गया है। सरकार ने  बजट में कर कटौती से डिस्पोजेबल आय में वृद्धि से उपभोग खर्च बढ़ाने पर जोर दिया है। इससे आम लोगों पर कर का बोझ कम होगा और आय वृद्धि से खपत बढ़ेगी, जिसका फायद रियल एस्टेट क्षेत्र को भी होगा।  रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ी घोषणा आवास क्षेत्रों के लिए एसडब्ल्यूएएमआईएच फंड 2.0 की स्थापना है। इसमें सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन तनावग्रस्त परियोजनाओं के लिए देगी।  उनका कहना है सरकार द्वारा दो स्वयं कब्जे वाली संपत्तियों के लिए पहले से लागू किराय पर कर कटौती भी एक अच्छा फैसला है। साथ ही पीपीपी परियोजनाओं के लिए ऋण परिव्यय में 1.3 लाख करोड़ रुपये से 1.5 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि से देश भर में बुनियादी ढांचे के विकास की गति और वितरण को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, किफायती आवास के लिए रियायतें और किराये के आवास के लिए एक राष्ट्रीय नीति जैसे कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे सभी के लिए आवास के कार्यक्रम को बढ़ावा मिलता, हमें उम्मीद है कि सरकार बाद में इस पर ध्यान दे सकती है।

 सुधारों के जरिए 'विकसित भारत' और 'सबका विकास' के लक्ष्य को आगे बढ़ाया
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बादल याग्निक बताते हैं, केंद्रीय बजट में शहरी और रियल एस्टेट विकास, बिजली और खनन क्षेत्र, वित्तीय सेवाओं और कराधान के साथ विनियामक सुधारों सहित छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों के जरिए 'विकसित भारत' और 'सबका विकास' के लक्ष्य को आगे बढ़ाया है। देश में टियर वन और टियर टू शहरों में संतुलित क्षेत्रिय विकास और राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन से रियल एस्टेट उद्योग तेजी से आगे बढ़ेगा। एसडब्ल्यूएएमआईएच फंड का विस्तार एक बहुप्रतीक्षित कदम है, क्योंकि कई रियल एस्टेट परियोजनाएं फंडिंग की कमी और घरों की डिलीवरी में देरी के कारण तनाव में हैं। इसके अलावा करों को युक्तिसंगत बनाने और छूट सीमाओं को बढ़ाने से आय में वृद्धि हो सकती है, जिससे उपभोक्ता स्तर और रियल एस्टेट में निवेश में बढ़ोतरी हो सकती है। विशेष रूप से आवासीय रियल एस्टेट निवेश और रिट्स जैसे वैकल्पिक साधानों में निवेश बढ़ने की संभावना है।
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आने वाले समय में रियल एस्टेट का परिदृश्य बदल जाएगा
वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव कहते हैं केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन, घरेलू खपत को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास और डिस्पोजेबल आय वृद्धि पर ध्यान केंद्रीत करके कनेक्टिवटी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसका देश भर में सभी परिसंपत्ति वर्गों की बढ़ती मांग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा बजट में संकटग्रस्त अथवा जो परियोजनाएं जो पैसों की कमी से पूरी नहीं हो पाई हैं उन परियोजनाओं को धन आवंटित कर सरकार समस्याओं को दूर कर रही है। यह उद्योग के लिए काफी अच्छी खबर है। वहीं भूमि अभिलेखों को डिजिटलीकरण करने पर जोर दिया गया है इससे घर खरीदारों का विश्वास मजबूत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एयर कार्गो के लिए बुनियादी सुविधाओं को उन्नत बनाने से देश भर में वेयरहाउसिंग की मांग कई गुना बढ़ेगी, साथ ही छोटे शहरों में जीसीसी स्थापित करने पर ध्यान केंद्रीत करने से भारत के उभरते शहरों में आनेवाले समय में रियल एस्टेट का परिदृश्य बदल जाएगा।  

क्या है एसडब्ल्यूएएमआईएच 2
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बजट 2025 में अटकी हुई आवास परियोजनाओं को पूरा करने और देश में उन घर खरीदारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से जिनके अपार्टमेंट सालों से विलंबित पड़े हुए हैं, वित्त मंत्री ने एक फरवरी को केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषणा की है कि अतिरिक्त एक लाख आवास इकाइयों को पूरा करने में मदद करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा इसके साथ एसडब्ल्यूएएमआईएच फंड 2 की स्थापना की जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि किफायती और मध्यम आय आवास (एसडब्ल्यूएएमआईएच ) कोष के लिए विशेष विंडो के तहत संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं में 50,000 आवासिय इकाइयों का निर्माण पूरा हो चुका है और घर खरीदने वालों को उनकी चाबियां दे दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में 40,000 और इकाइयां पूरी हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि एसडब्ल्यूएएमआईएच फंड 2.0 का उद्देश्य मध्यम वर्ग के परिवारों की मदद करना है जो अपार्टमेंट पर लिए गए ऋण की  ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं और वर्तमान आवास इकाइयों के लिए किराया भी दे रहे हैं।
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