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RBI: ब्याज दर में तेज वृद्धि की रफ्तार घटाए आरबीआई, सोने का आयात घटा, पढ़ें कुछ अन्य खास खबरें

Mon, 28 Nov 2022 05:13 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

सीआईआई ने कहा, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बड़ी संख्या में कंपनियों की आय और मुनाफे में कमी आई है। ऐसे में मौद्रिक सख्ती की गति में कमी करने की जरूरत है।
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rbi new - फोटो : istock
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विस्तार
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भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को कहा कि भारतीय उद्योग जगत पर ब्याज दरों में हुई बढ़ोतरी का प्रतिकूल असर हो रहा है। इसलिए आरबीआई ब्याज दर में बढ़ोतरी की रफ्तार घटाए। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में अभी तक रेपो दर में 1.9 फीसदी की बढ़ोतरी की है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति की समिति की बैठक 5-7 दिसंबर तक होगी। 

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सीआईआई ने कहा, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बड़ी संख्या में कंपनियों की आय और मुनाफे में कमी आई है। ऐसे में मौद्रिक सख्ती की गति में कमी करने की जरूरत है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू वृद्धि को बनाए रखने के लिए आरबीआई को  मौद्रिक सख्ती की रफ्तार को पहले के 0.5 फीसदी से कम करने पर विचार करना चाहिए। 

सोने का आयात 17.38 फीसदी घटकर 24 अरब डॉलर पहुंचा
सोने का आयात चालू वित्त वर्ष के पहले सात माह (अप्रैल-अक्तूबर) में 17.38 फीसदी घटकर 24 अरब डॉलर रह गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में सोने का आयात 29 अरब डॉलर रहा था। अक्तूबर में सोने का आयात पिछले साल के समान माह की तुलना में 27.47% घटकर 3.7 अरब डॉलर रहा। 
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इसी दौरान चांदी का आयात भी 34.80% गिरकर 58.5 करोड़ डॉलर रहा। हालांकि, अप्रैल-अक्तूबर में चांदी का आयात बढ़कर 4.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1.52 अरब डॉलर था। अप्रैल-अक्तूबर, 2022 के दौरान वस्तुओं पर व्यापार घाटा 173.46 अरब डॉलर रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि में 94.16 अरब डॉलर पर था। 

एफएमसीजी कंपनियों को बिक्री में बढ़त की उम्मीद
दैनिक उपभोग का सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियां सर्दियों के उत्पादों की शुरुआती मांग रूझान से उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि पारा जैसे-जैसे गिरता जाएगा, उत्पादों का इस्तेमाल भी बढ़ेगा और ग्रामीण इलाकों से वृद्धि बढ़ेगी। डाबर, इमामी और मैरिको जैसी कंपनियों के सर्दियों के उत्पादों की बिक्री तेज हुई है जिनमें त्वचा वाले उत्पादों से लेकर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले शहद व च्यवनप्राश जैसे उत्पाद शामिल हैं।

कंपनियों को उम्मीद है कि फसल अच्छी रहने और सामान्य महंगाई में नरमी आने से आगामी तिमाहियों में ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री बढ़ेगी। मैरिको के संजय मिश्रा ने कहा कि सफोला इम्युनिवेदा श्रृंखला के उत्पादों और बॉडी लोशन जैसे के लिए सर्दियों का मौसम अहम होता है। इनकी विशेषकर उत्तरी क्षेत्र से मांग आती है। सर्दियों के शुरू होने के साथ ही इस साल भी इन उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ गया है। इन सर्दियों में बॉडी लोशन की श्रेणी में मांग में वृद्धि 50% से अधिक रहेगी। 

बड़े पैकेट वाले उत्पादों की बढ़ी बिक्री
इमामी में अध्यक्ष (बिक्री-सीसीडी) विनोद राव ने कहा कि महंगाई के कारण मांग संबंधी चुनौतियों के बावजूद कंपनी के सर्दियों के उत्पादों का प्रदर्शन ग्रामीण बाजारों के साथ-साथ थोक बिक्री भी में अच्छा रहने वाला है। इस वर्ष बड़े पैकेट वाले उत्पादों की बिक्री भी बढ़ी है।

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