मौजूदा समय मे कर्ज लेने के तमाम विकल्पों के बावजूद लोगों का भरोसा बैंकों पर बना हुआ है। आरबीआई के सितंबर बुलेटिन में कहा गया है कि बैकिंग टेक्नोलॉजी पर 53.31 फीसदी लोग भरोसा करते हैं। कर्ज देने वाले वैकल्पिक साधनों पर 43.50 फीसदी लोग ही भरोसा करते हैं। इन साधनों से 40.69 फीसदी लोग खुश हैं। बैंकिंग टेक्नोलॉजी के लिए यह स्तर 42 फीसदी से अधिक है।
फिनटेक कंपनियों से ग्राहकों को जल्द नहीं मिलता जवाब
फिनटेक ग्राहकों के अनुभव बताते हैं कि फिनटेक कंपनियों से उनको जल्दी जवाब नहीं मिलते हैं। ईमेल, कॉल या चैट प्रश्नों का विलंबित या कोई उत्तर नहीं मिलता है। महत्वपूर्ण या तत्काल मुद्दों या ग्राहक सेवा तक पहुंचने में कठिनाइयां होती हैं। इसके लिए कोई समाधान नहीं है। ग्राहक सहायता कर्मचारियों का असभ्य या गैर पेशेवर व्यवहार भी एक प्रमुख मुद्दा है। ऋण चुकौती या खाता संबंधी प्रश्नों का बहुत ही खराब अनुभव इन ग्राहकों को हुआ है।
ये भी पढ़ें: Tariff on Pharma: अमेरिकियों को चुकानी होगी कीमत; दुनियाभर में सालाना 2.70 लाख करोड़ की दवाएं बेचता है भारत
| चिंता | वैकल्पिक साधन | बैंकिंग टेक |
|---|---|---|
| पेमेंट प्रक्रिया | 7.18 फीसदी | 9.93 फीसदी |
| खाता संबंधी | 6.54 फीसदी | 3.99 फीसदी |
| कैशबैक-रिवॉर्ड | 3.21 फीसदी | 0.99 फीसदी |
| उत्पीड़न | 1.38 फीसदी | 0.93 फीसदी |
| केवाईसी | 1.77 फीसदी | 3.96 फीसदी |