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RBI: रुपये में गिरावट थामने को 100 अरब डॉलर बेचेगा आरबीआई, 4 माह तक मिलेगा सहारा

Thu, 21 Jul 2022 06:52 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली/मुंबई।

सार

सूत्रों का कहना है कि आरबीआई अगर गिरावट को नहीं थामता है तो रुपया आगे और कमजोर हो सकता है। ऐसे में घरेलू मुद्रा को समर्थन देने के लिए केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार से 100 अरब डॉलर से भी ज्यादा बेच सकता है।
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RBI - फोटो : Social Media
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विस्तार
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डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी है। बुधवार को यह गिरकर पहली बार 80 के पार पहुंचकर बंद हुआ। घरेलू मुद्रा में जारी गिरावट को थामने के लिए आरबीआई कुल विदेशी मुद्रा भंडार का छठा हिस्सा यानी 100 अरब डॉलर बेचेगा। इस कदम से केंद्रीय बैंक 4 महीने तक रुपये की गिरावट को थाम सकता है। रुपया इस साल जनवरी से अब तक 7 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है।

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सूत्रों का कहना है कि आरबीआई अगर गिरावट को नहीं थामता है तो रुपया आगे और कमजोर हो सकता है। ऐसे में घरेलू मुद्रा को समर्थन देने के लिए केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार से 100 अरब डॉलर से भी ज्यादा बेच सकता है। सूत्रों ने कहा, रुपये में गिरावट वैश्विक स्तर की स्थितियों के अनुरूप है। आरबीआई इस गिरावट को जल्द थामने की कोशिश नहीं करता है। हालांकि, उसके पास इतने साधन हैं कि वह कभी भी इसे रोक सकता है। जरूरत पड़ने पर ज्यादा डॉलर बेच सकता है। एजेंसी

85 तक गिर सकता है रुपया
रुपये के मूल्य में अभी और गिरावट आनी बाकी है। हालांकि, आरबीआई के उठाए गए हालिया कदम से घरेलू मुद्रा को कुछ हद तक मदद मिल सकती है। एक व्यापारी ने कहा, अमेरिका की सख्त नीतियों से आशंका है कि रुपया गिरकर 84-85 तक जा सकता है।
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विदेशी निवेशकों को लाने की कोशिश
सरकार और आरबीआई विदेशी निवेशकों की वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि एक माह में विदेशी निवेशक वापस आ जाएंगे। हालांकि, सिंगापुर के व्यापारी ने कहा, ब्याज दरें काफी ऊपर हैं। ऐसे में विदेशी निवेशकों की तेजी से भारत आने की संभावना बहुत कम है।

विदेशी मुद्राओं की तुलना में रुपये में कम गिरावट : सीईए
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने बुधवार को कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमी दुनिया की अन्य मुद्राओं में आई गिरावट की तुलना में कहीं कम है। रुपये एवं अन्य मुद्राओं में आई गिरावट के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आक्रामक मौद्रिक नीतियां जिम्मेदार हैं। फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये से उभरती अर्थव्यवस्थाओं से विदेशी पूंजी निकासी हो रही है।

रिंग मास्टर फेड रिजर्व के हिसाब से न चले तो मुद्रा पर जोखिम : उदय कोटक
कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी उदय कोटक ने कहा, रिंग मास्टर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अनुरूप नहीं चलने वाले केंद्रीय बैंकों के सामने अपनी मुद्राओं के धराशायी होने का जोखिम मंडरा रहा है। ट्वीट में कहा, फेड रिजर्व की अगुवाई में केंद्रीय बैंक झुंड में चलते हैं। रास्ता चाहे आसान हो या मुश्किल...रास्ते से हटे तो आपकी मुद्रा धराशायी हो जाएगी।

विदेशी मुद्रा भंडार 60 अरब डॉलर घटा
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 60 अरब डॉलर घट चुका है। पिछले साल सितंबर में भंडार 642 अरब डॉलर था, जो घटकर 580 अरब डॉलर रह गया। इसके बावजूद आरबीआई का भंडार दुनिया के केंद्रीय बैंकों में 5वां सबसे बड़ा भंडार है।

2023 की शुरुआत में आएगी डिजिटल मुद्रा
आरबीआई थोक और खुदरा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के क्रियान्वयन को लेकर काम कर रहा है। आरबीआई के कार्यकारी निदेशक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) अजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा, सीबीडीसी डिजिटल मुद्रा है। हालांकि, इसकी निजी डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टोकरेंसी से तुलना नहीं हो सकती है, जो पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ी है।

उद्योग मंडल फिक्की के कार्यक्रम में उन्होंने कहा, देश की आधिकारिक डिजिटल मुद्रा 2023 की शुरुआत में पेश हो सकती है। यह वर्तमान में उपलब्ध निजी कंपनी की ओर से संचालित इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट की तरह होगी। इसे सरकार का समर्थन प्राप्त होगा।

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