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नहीं होगी ब्याज दरों में कटौती, आरबीआई ने नहीं घटाया रेपो रेट 

Thu, 09 Feb 2017 02:20 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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- फोटो : self
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भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की आस लगाए लोगों को झटका दे दिया है। आरबीआई ने रेपो रेट में बिना कटौती किए उसे 6.25 फीसदी पर बनाए रखा है। साथ ही रिवर्स रेपो रेट को भी 5.75 फीसदी पर बनाए रखा गया है।
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आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने इसकी घोषणा की। इससे पूर्व आरबीआई ने इस वित्त वर्ष में रेपो रेट में दो बार कटौती की थी। पहले बैंकों ने उम्मीद जतायी थी की नोटबंदी के बाद आने वाली मॉनिटरी पॉलिसी में .25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की जाएगी।

इस दौरान आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मार्च में समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में विकास दर 6.9 फिसदी पर रहेगी। इससे पहले 7 दिसंबर, 2016 की समीक्षा में आरबीआई ने देश के आर्थिक विकास की दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। जबकि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए ये 7.4 फीसदी पर बने रहने का अनुमान जताया। 
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आरबीआई का ये फैसला बाजार को नहीं पसंद आया और सेंसेक्स में 150 अंकों की गिरावट देखी गयी। हालांकि बाजार बंद होते रिकवरी के कारण ये 45 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 8,769.05 के स्तर पर बंद हुआ। #FLASH Repo Rate remains unchanged at 6.25 percent, Reverse Repo Rate also remains unchanged at 5.75 percent — ANI (@ANI_news) February 8, 2017
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क्या है रेपो और रिवर्स रेपो रेट

RBI
रेपो रेट वह दर है, जिस पर आरबीआई किसी बैंक को लोन देता है। ब्याज दर कम होने का मतलब यह है कि बैंकों के पास अब ज्यादा पैसा होगा, जिसे वह बाजार में डाल सकते हैं।

वहीं, रिवर्स रेपो दर वह दर है जिस पर बैंक रिजर्व बैंक को पैसा देते हैं।

बैंक अपने पास मौजूद कैश को रिजर्व बैंक में रख सकते है और इस पर उन्हें रिजर्व बैंक से ब्याज मिलता है। जिस दर पर यह ब्याज मिलता है, उसे ही रिवर्स रेपो रेट कहा जाता है।
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