अप्रैल से अब तक चार महीने में ई-वे बिल फरवरी, 2020 की तुलना में 17.3 फीसदी बढ़ा है। जुलाई में खुदरा महंगाई भी 0.70 फीसदी नीचे आई। दाल-सब्जियों के दाम गिरने से उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि विनिर्माण गतिविधियों में तेजी से भारतीय अर्थव्यवस्था फिर पटरी पर लौट आई है। सेवाओं में भी विस्तार हो रहा और बाजार में पर्याप्त पूंजी तरलता है।
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आरबीआई ने मंगलवार को जारी आर्टिकल में बताया कि अर्थिक गतिविधियां महामारी के दबाव से पूरी तरह बाहर आ चुकी हैं। मांग और खपत भी तेजी से बढ़ रही, जिसकी भरपाई आपूर्ति से की जा रही है।
यातायात और बिजली खपत कोविड पूर्व स्तर को भी पार कर चुकी है। डिप्टी गवर्नर माइकल देवब्रत पात्रा की अगुवाई में जारी आर्टिकल के अनुसार, अप्रैल से अब तक चार महीने में ई-वे बिल फरवरी, 2020 की तुलना में 17.3 फीसदी बढ़ा है। जुलाई में खुदरा महंगाई भी 0.70 फीसदी नीचे आई। दाल-सब्जियों के दाम गिरने से उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
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दूसरी लहर में कम बढ़े उत्पादों के दाम
आरबीआई ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान खाद्य व अन्य आवश्यक उत्पादों के दाम पहली लहर की तुलना में कम बढ़े हैं। पहले लॉकडाउन के समय 22 खाद्य उत्पादों के दाम औसतन 7 फीसदी बढ़े, जबकि दूसरी लहर के दौरान खाद्य तेलों को छोड़कर अन्य उत्पादों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दिखी।