भारतीय रिजर्व बैंक ने 83 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर्ज के बोझ तले दबी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (डीएचएफएल) के संचालन के लिए तीन सदस्यीय सलाहाकर पैनल का गठन किया है। यह पैनल केंद्रीय बैंक द्वारा नियुक्त किए गए प्रशासक को दिवालिया प्रक्रिया के लिए एनसीएलटी में जाने के लिए मदद करेगा।
इनकी हुई नियुक्ति
आरबीआई ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के नॉन एग्जिक्यूटिव चेयरमैन राजीव लाल, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ एन एस कन्नन और म्यूचुअल फंड एसोसिएशन एएमएफआई के सीईओ एन एस वेंकटेश को नियुक्त किया है।
बुधवार को बोर्ड किया था भंग
आरबीआई ने बुधवार को प्रशासनिक चिंताओं और कई कर्जों के डिफॉल्ट के चलते मुश्किलों से जूझ रही डीएचएफएल के बोर्ड को भंग कर दिया था। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने इंडियन ओवरसीज बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक आर सुब्रमण्याकुमार को डीएचएफएल का प्रशासक नियुक्त कर दिया है।
डीएचएफएल देश की तीसरी सबसे बड़ी गिरवी ऋणदाता कंपनी है। सरकार ने पिछले हफ्ते ही संकट में फंसी एनबीएफसी और कम से कम 500 करोड़ रुपये नेटवर्थ वाली एचएफसी के मामलों को दिवालिया अदालत में भेजने का अधिकार आरबीआई को देने का एलान किया था। आरबीआई ने एक बयान के माध्यम से यह जानकारी देते हुए कहा कि दिवालिया कानून, 2019 के तहत कंपनी के समाधान की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और समाधान पेशेवर (आरपी) के तौर पर प्रशासक को नियुक्त करने के लिए एनसीएलटी से अनुरोध किया जाएगा।
दिवालिया होगी कंपनी
डीएचएफएल दिवालिया होगी। कंपनी इसके लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में जल्द आवेदन कर सकती है। अगर कंपनी ने इसके लिए आवेदन नहीं किया, तो बैंक अपनी तरफ से ऐसा कर सकते हैं। सरकार के एक नोटिफिकेशन के बाद अब यह कंपनी भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकती है।
आईबीसी कोड में किया बदलाव
कंपनी मामलों के मंत्रालय ने 18 नवंबर को जारी एक नोटिफिकेशन में इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के सेेक्शन 227 में बदलाव करते हुए कहा है कि अब 500 करोड़ से ज्यादा की वैल्यू वाली एनबीएफसी कंपनियां भी दिवालिया प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकती हैं।