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Biz Updates: 100 साल पुराने बॉयलर अधिनियम को बदलने वाले विधेयक को राज्यसभा की मंजूरी, मिलेगा यह फायदा

Wed, 04 Dec 2024 06:46 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Biz Updates: संसद के ऊपरी सद राज्यसभा ने बुधवार को बॉयलरों के विनियमन, भाप-बॉयलरों के विस्फोट के खतरे से लोगों की जान-माल की सुरक्षा और पंजीकरण में एकरूपता के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। बॉयलर्स विधेयक, 2024 का लक्ष्य एक सदी पुराने बॉयलर्स अधिनियम, 1923 को निरस्त करना है। आइए इस बारे में और जानें।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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राज्यसभा ने बुधवार को बॉयलरों के विनियमन, भाप-बॉयलरों के विस्फोट के खतरे से लोगों की जान-माल की सुरक्षा और पंजीकरण में एकरूपता के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। बॉयलर्स विधेयक, 2024 का उद्देश्य एक सदी पुराने बॉयलर्स अधिनियम, 1923 को निरस्त करना है।

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इस विधेयक का उद्देश्य सात तरह के आरोपों को अपराधमुक्त करना और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है, जिसे उच्च सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

विधेयक में बॉयलर के अंदर काम करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रावधान किया गया है। इसमें बॉयलर की मरम्मत का काम योग्य और सक्षम व्यक्तियों की ओर से किए जाने की बात भी कही गई है।

वाणिज्य मंत्रालय की ओर से पहले दिए गए बयान के अनुसार, इस विधेयक से एमएसएमई क्षेत्र सहित बॉयलर उपयोगकर्ताओं को लाभ होगा, क्योंकि विधेयक में गैर-अपराधीकरण से संबंधित प्रावधानों को शामिल किया गया है। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (कारोबार करने में आसानी) को बढ़ावा मिलेगा।
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बॉयलरों और कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने करने से जुड़े सात अपराधों में से चार बड़े अपराधों में, जिनसे जान-माल की हानि हो सकती है, आपराधिक दंड बरकरार रखा गया है।

अन्य अपराधों के लिए वित्तीय दंड का प्रावधान किया जा रहा है। सभी गैर-आपराधिक मामले के लिए 'जुर्माना' को 'पेनाल्टी' में बदल दिया गया है, जिसे पहले की तरह अदालतों की बजाय कार्यकारी तंत्र के माध्यम से लगाया जाएगा।

बॉयलर्स अधिनियम, 1923 में विभिन्न स्थानों पर मौजूद एक जैसे प्रावधानों को अधिनियम को आसानी से पढ़ने और समझने की सुविधा के लिए छह अध्यायों में एक जगह पर संकलित किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस वर्ष 2 अगस्त को इस विधेयक को मंजूरी दी थी।

गुजरात सरकार ने ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये की

गुजरात सरकार ने बुधवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी राशि की अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के व्यापक हित में लिया है। कर्मचारियों को इस समय सेवानिवृत्ति के समय 20 लाख रुपये की अधिकतम सीमा के भीतर सेवानिवृत्ति और मृत्यु उपरांत ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाता है। ताजा फैसले के बाद वे 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पाने के हकदार हैं। यह राशि अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो गई है।

स्मार्ट शहरों की तर्ज पर स्मार्ट गांव बनाए जाने चाहिए: गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को स्मार्ट शहरों की तर्ज पर स्मार्ट गांव बनाने की वकालत की। गडकरी ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के 42वें दीक्षांत समारोह में कहा, ''हम स्मार्ट शहर बना रहे हैं... हम इस बारे में क्यों नहीं सोच रहे हैं कि हमें स्मार्ट गांव कैसे बनाने चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''यह बात मेरे दिमाग में है। मैं भी एक स्मार्ट गांव बना रहा हूं। 1,000 वर्ग फीट का प्लॉट, पांच लाख रुपये में 500 वर्ग फीट का घर... और पूरी जिंदगी बिजली और पानी मुफ्त।' गडकरी ने कहा कि ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण है और ज्ञान को संपत्ति में बदलना देश का भविष्य है।

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कृत्रिम मेधा, डीपफेक आधारित साइबर हमले बढ़ेंगे, स्वास्थ्य सेवा, वित्त क्षेत्र में जोखिम: रिपोर्ट

कृत्रिम मेधा संचालित और ‘डीपफेक’ आधारित साइबर हमले वर्ष 2025 में तेजी से बढ़ने का अनुमान है। हाल में आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए कहा गया कि इस दौरान साइबर हमलों के निशाने पर स्वास्थ्य सेवा और वित्त जैसे क्षेत्र सबसे अधिक होंगे। डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (डीएससीआई) और सेक्राइट ने 'इंडिया साइबर थ्रेट रिपोर्ट 2025' में साइबर अपराधियों की नयी रणनीति और एआई आधारित हमलों को एक प्रमुख चिंता बताया।

रिपोर्ट के मुताबिक, कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल बेहद शातिर ढंग से धोखाधड़ी के लिए किया जाएगा, जिनका पता लगाना कठिन होगा। इसमें डीपफेक तकनीक और व्यक्तिगत हमले शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आपूर्ति श्रृंखलाओं में कमजोरियों के साथ एआई क्षमताओं के जुड़ने से नए तरह के साइबर खतरे पैदा होंगे। साइबर अपराधी जटिल हमलों को अंजाम देने के लिए एआई संचालित तरीकों को अपनाएंगे।
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