देश में नये राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर गांवों में पक्की सड़क के जरिये आवाजाही को सुगम बनाया जाएगा। छोटे शहरों में हवाईअड्डों, मेडिकल कॉलेजों और स्पोर्ट्स सुविधाओं का बुनियादी ढांचा मजबूत कर देश के विकास की दास्तां लिखी जाएगी। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो जीडीपी का 3.4 फीसदी है।
सरकार 26,000 करोड़ रुपये से पूर्वोदय योजना के अंतर्गत बिहार में तीन एक्सप्रेसवे और गंगा नदी पर एक पुल तैयार करेगी। इसमें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे, बोधगया, राजगीर, वैशाली और दरभंगा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। साथ ही बक्सर में गंगा नदी पर दो लेन का एक पुल भी बनेगा। आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम–चेन्नई औद्योगिक गलियारे में कोप्पार्थी क्षेत्र और हैदराबाद–बंगलूरू औद्योगिक गलियारे में ओरवाकल क्षेत्र में पानी, बिजली, रेलवे व सड़कों जैसी आवश्यक बुनियादी ढांचा के लिए निधियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा बिहार में नये हवाईअड्डे, मेडिकल कॉलेज व खेल ढांचे विकसित होंगे। 30 लाख से अधिक आबादी वाले 14 बड़े शहरों में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट योजनाएं शुरू होंगी। जल प्रबंधन के क्षेत्र में बैंक योग्य परियोजनाओं के जरिये 100 बड़े शहरों के लिए जलापूर्ति, सीवेज उपचार व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं और सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
निजी निवेश बढ़ाया जाएगा : इन्फ्रास्ट्रक्चर में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार राज्यों को उनकी विकास प्राथमिकताओं के अनुसार सहायता उपलब्ध कराएगी। राज्यों को उनके संसाधन आवंटन में मदद के लिए इस वर्ष भी 1.5 लाख करोड़ के दीर्घावधि ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान किया गया है।
बाढ़ प्रबंधन के लिए पांच राज्यों को मदद
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत पांच राज्यों को बाढ़ प्रबंधन के लिए सरकार मदद देगी। बिहार में अक्सर बाढ़ आती है। नेपाल में बाढ़ नियंत्रण संरचनाओं के निर्माण की योजना अभी तक आगे नहीं बढ़ पाई है। सरकार 11,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। असम को बाढ़ प्रबंधन और संबंधित परियोजनाओं के लिए सहायता मिलेगी। बाढ़ के कारण व्यापक नुकसान झेलने वाले हिमाचल को भी बहुपक्षीय सहायता के माध्यम से पुनर्निर्माण के लिए समर्थन मिलेगा। इसके अलावा उत्तराखंड, सिक्किम जिन्हें भूस्खलन व बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है, को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
शहरों में शुरू होंगे साप्ताहिक हाट
शहरी बुनियादी ढांचा विकास के लिए सरकार ने साप्ताहिक हाट समेत विशेष योजनाओं का खाका तैयार किया है। चुनिंदा शहरों में 100 साप्ताहिक ‘हाट’ या स्ट्रीट फूड हब विकसित किए जाएंगे। 30 लाख से अधिक आबादी वाले 14 बड़े शहरों के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट योजनाएं शुरू होंगी। जल प्रबंधन के क्षेत्र में बैंक योग्य परियोजनाओं के माध्यम से 100 बड़े शहरों के लिए जल आपूर्ति, सीवेज उपचार व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं और सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
नवाचार के लिए बनेगा एक लाख करोड़ का विशेष पूल
नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का वित्तपोषण पूल बनाने की घोषणा की गई है। बुनियादी अनुसंधान और प्रोटोटाइप विकास के लिए अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान कोष की स्थापना भी की जाएगी। किफायती ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ उच्च संसाधन कुशल आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए नीतिगत दस्तावेज तैयार किया जाएगा। इससे रोजगार, विकास और पर्यावरण स्थायित्व की आवश्यकता के बीच संतुलन कायम हो सकेगा। बेहतर कार्य क्षमता वाले उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (एयूएससी) थर्मल पावर प्लांट के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास का कार्य पूरा हो गया है।