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Banking: सरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा, रिपोर्ट-15 वर्षों में पहली बार ऋण वृद्धि में निजी बैंकों से आगे निकले

Sat, 27 Sep 2025 02:04 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार सरकारी बैंकों का कुल मुनाफा रिकॉर्ड ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2020 से पीएसबी का बाजार पूंजीकरण लगभग पांच गुना बढ़ गया है। इसके अलावा, कवर किए गए बैंकों की समग्र कमाई FY26 से FY28 तक 14 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है।
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bank - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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सरकारी बैंक (पीएसबी) मुनाफे के नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इन बैंकों का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) एक प्रतिशत से अधिक हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर एसेट क्वालिटी और स्थिर क्रेडिट ग्रोथ ने इस उछाल में योगदान दिया है।

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पीएसबी का कुल मुनाफा 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा

रिपोर्ट में बताया गया कि PSB सेक्टर का कुल मुनाफा रिकॉर्ड ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इसके अलावा, कवर किए गए बैंकों की समग्र कमाई FY26 से FY28 तक 14 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हालांकि निकट अवधि में एनआईएम पर दबाव रह सकता है, लेकिन फीस इनकम में वृद्धि, लागत अनुपात में धीरे-धीरे सुधार और स्वस्थ कवरेज स्तर (पीसीआर लगभग 79 प्रतिशत) RoA को 1.0-1.1 प्रतिशत के स्थिर स्तर पर बनाए रखने में मदद करेंगे।

15 वर्षों में पहली बार सार्वजनिक बैंकों ने निजी बैंकों को पीछे छोड़ा

मजबूत जमा फ्रेंचाइजी, रूढ़िवादी ऋण-जमा अनुपात और खुदरा, कृषि और एमएसएमई (आरएएम) क्षेत्रों में स्थिर वृद्धि ने भी सरकारी बैंकों की गति को सहारा दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 15 वर्षों में पहली बार, सार्वजनिक बैंकों ने वित्त वर्ष 2025 के दौरान ऋण वृद्धि में निजी बैंकों को पीछे छोड़ दिया। यहां निजी ऋणदाताओं की 10 प्रतिशत की तुलना में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

पीएसबी का बाजार पूंजीकरण लगभग पांच गुना बढ़ा

वित्त वर्ष 2020 से पीएसबी का बाजार पूंजीकरण लगभग पांच गुना बढ़ गया है, फिर भी वे उचित मूल्यांकन पर कारोबार करना जारी रखते हैं। वहीं सेक्टर आरओई 18 से 19 प्रतिशत और आरओए एक प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है।

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इसने बताया कि हालिया बढ़त एकमुश्त नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरओए में एक प्रतिशत की रिकवरी कोई एक बार की घटना नहीं है, बल्कि सरकारी बैंकों के लिए घर वापसी जैसी है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में मार्जिन में सुधार और परिसंपत्ति गुणवत्ता स्थिर रहने के साथ, वे आने वाले वर्षों में स्थिर रिटर्न देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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