एक सर्वे में पता चला है कि 70 फीसदी छोटे एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) ने पिछले तीन साल में कारोबार से जुड़ा कम-से-कम एक जोखिम अवश्य झेला है। लेकिन, इनमें 20 फीसदी से भी कम के पास ही जोखिमों को कवर करने वाली अच्छी बीमा पॉलिसी थी।
संपत्ति बीमा आग लगने, बिजली गिरने, विस्फोटों, दंगों, हड़तालों, तूफानों, आंधी, सुनामी और भूस्खलन से होने वाले नुकसान के लिए कवरेज देता है। अगर व्यवसाय के मालिक ने संपत्ति बीमा का विकल्प चुना है तो उसे भवन, संपत्ति या उपकरण के नुकसान की भरपाई मिलेगी।
व्यापक सामान्य देयता बीमा
यह पॉलिसी छोटे उद्यमों को कानूनी देनदारियों का सामना करने पर सुरक्षा प्रदान करती है। अगर उनके उत्पादों के कारण किसी थर्ड पार्टी को शारीरिक नुकसान पहुंचता है या उनके परिसर में किसी थर्ड पार्टी को चोट पहुंचती है, तो बचाव लागत के अलावा यह पॉलिसी पीड़ित पक्षों को दिए गए हर्जाने को भी कवर करती है।।
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कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में भी काफी सहायक
हर बीमा पॉलिसी व्यवसाय की जरूरतों के अनुसार तैयार की जाती है। इसका निश्चित प्रीमियम नहीं होता। कई ग्राहक और व्यावसायिक सहयोगी तभी कान्ट्रैक्ट करना चाहते हैं, जब वह व्यवसाय देयता बीमा पॉलिसी से लैस हो। इसलिए, अगर किसी एसएमई के पास पहले से ही यह बीमा कवरेज है, तो इससे उसके व्यवसाय को बढ़ावा मिलता है। -गुरदीप सिंह बत्रा, प्रमुख, प्रॉपर्टी, रिस्क इंजीनियरिंग एंड ग्लोबल अकाउंट्स