PMLA: धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष अदालत के न्यायाधीश आरएन रोकड़े ने बुधवार को उनकी याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि अदालत को आरोपी की पृष्ठभूमि, अपराध की प्रकृति, मुकदमे में उसकी उपस्थिति की आवश्यकता और ऐसे अन्य प्रासंगिक कारकों पर विचार करना होगा।
मुंबई की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के दो बेटों के पासपोर्ट लौटाने का निर्देश दिया है। दोनों धनशोधन मामले में आरोपी है। अदालत ने हालांकि कहा कि हृषिकेश और सलिल देशमुख उसकी अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकेंगे।
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धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष अदालत के न्यायाधीश आरएन रोकड़े ने बुधवार को उनकी याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि अदालत को आरोपी की पृष्ठभूमि, अपराध की प्रकृति, मुकदमे में उसकी उपस्थिति की आवश्यकता और ऐसे अन्य प्रासंगिक कारकों पर विचार करना होगा।
अदालत ने कहा, "उसे को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और समाज के हित के साथ-साथ अभियोजन पक्ष के अधिकारों के बीच संतुलन बनाना होगा।" ईडी की ओर से दायर आरोपपत्र में देशमुख बंधुओं को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, जांच एजेंसी ने दोनों को कभी गिरफ्तार नहीं किया। नवंबर 2022 में विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी और जमानत की एक शर्त के अनुसार उन्हें जांच एजेंसी के पास अपना पासपोर्ट जमा करना था।