फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव के चलते धीमी पड़ी सेवा क्षेत्र की रफ्तार, एक साल में सबसे सुस्त

Wed, 05 Jun 2019 06:15 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

आम चुनाव के असर से मई में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। निक्की इंडिया की ओर से बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, मई में सेवा क्षेत्र का पीएमआई 50.2 के स्तर पर रहा, जो अप्रैल में 51 था। यह स्तर पिछले 12 महीने में सबसे कम है। 

विज्ञापन


निक्की इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक के अनुसार, लोकसभा चुनाव के कारण नए कार्यों की वृद्धि पर असर पड़ा है। इससे परचेजिंग मैनेजर इंडेक्स (पीएमआई) में सुस्ती आई है। हालांकि, नरमी के बावजूद लगातार 12वें महीने सेवा क्षेत्र की पीएमआई 50 के ऊपर बनी रही है, जो इसमें वृद्धि को दर्शाता है। 

आईएसएच मार्किट की प्रधान अर्थशास्त्री और रिपोर्ट की लेखिका पॉलिएना डी लीमा ने कहा कि भारत का प्रधान सेवा क्षेत्र आम चुनाव के कारण एक बार फिर प्रभावित हुआ है। इससे लगातार तीसरे महीने नए कार्यों और कारोबारी गतिविधियों में नरमी आई है। 

सुधार के संकेत 

रिपोर्ट में कहा गया कि यह गिरावट तात्कालिक भी हो सकती है, क्योंकि कंपनियों ने नई नियुक्तियां शुरू कर दी हैं और वे भविष्य के परिदृश्य के प्रति काफी आशावान हैं। लीमा ने कहा कि नियुक्ति गतिविधियों में तेजी और भरोसेमंद रुख से निकट भविष्य में सेवा क्षे की गतिविधियों में सुधार के संकेत मिलते हैं। साथ ही खर्च और निवेश बढ़ने से महंगाई का दबाव कम रहने की भी उम्मीद है।

सेवा क्षेत्र में एफडीआई 37 फीसदी बढ़ा

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग ने बुधवार को बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 36.5 फीसदी बढ़ गया है। इस दौरान 9.15 अरब डॉलर का एफडीआई सेवा क्षेत्र में आया है। 

विज्ञापन


विभाग के अनुसार, 2017-18 में वित्त और बैंकिंग, बीमा, आउटसोर्सिंग, आरएंडडी, कुरियर, टेक टेस्टिंग और विश्लेषण जैसे सेवा क्षेत्रों में कुल 6.7 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया था। सरकार की ओर से कारोबारी सुगमता बढ़ाने की वजह से एफडीआई आकर्षित करने में मदद मिली है। जीडीपी की विकास दर में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी होती है। ऐसे में यहां एफडीआई बढ़ने से अर्थव्यवस्था में मजबूती आने के संकेत हैं। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें