विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि अगले तीन साल तक भारत की विकास दर 7.5 फीसदी रहेगी। निजी खपत और निवेश बेहतर होने से इसको बल मिलेगा। अगले पांच साल तक स्थिर सरकार रहने से ऐसा संभव होने का चांस काफी बढ़ गया है।
मंगलवार को जारी बैंक की वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 में भारत के 7.20 फीसदी की दर से वृद्धि करने का अनुमान है। इस हिसाब से यह तेज गति से वृद्धि होने का अनुमान है।
वर्ष 2021 तक भारत की आर्थिक वृद्धि दर चीन के छह फीसदी की तुलना में डेढ़ फीसदी अधिक होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन, भारत से काफी पीछे रह जाएगा। इस हिसाब से हम दुनिया की सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहेंगे।
विश्व बैंक ने चीन के लिए जो अगले तीन सालों के लिए अनुमान जारी किया है उसके मुताबिक 2019 में 6.20 फीसदी, 2020 में 6.10 फीसदी और 2021 में 6 फीसदी पर आ जाने का अनुमान है। वहीं भारत के लिए जो अनुमान जारी किया है उसके मुताबिक 2019-20 में 7.50 फीसदी पर रहने का अनुमान है। इसके बाद अगले दो वित्त वर्ष तक वृद्धि दर की यही गति बरकरार रहने वाली है।
हाल में केंद्र सरकार ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके अनुसार पांच साल में विकास दर सबसे कम स्तर पर पहुंची है। यह पिछले वित्त वर्ष की तीन तिमाही के मुकाबले भी काफी कम है। वहीं बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।