पीएलआई योजना के तहत अब तक 11.5 लाख नौकरियां मिलीं हैं। 1.61 लाख करोड़ का निवेश हुआ है, जबकि 14 लाख करोड़ का उत्पादन भी हुआ है। देश से 5.31 लाख करोड़ रुपये के निर्यात में मदद मिली है।
देश में विनिर्माण बढ़ाने के लिए शुरू की गई उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत नवंबर, 2024 तक कुल 1.61 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। साथ ही, 11.5 लाख से अधिक लोगों को नौकरियां (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) मिली हैं।
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा, 1.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश से करीब 14 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन हुआ, जबकि 5.31 लाख करोड़ रुपये के निर्यात करने में मदद मिली है। सरकार ने योजना के तहत चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 15.52 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन लक्ष्य रखा है।
मंत्रालय ने कहा, केंद्र सरकार ने 14 प्रमुख क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजना के तहत कुल 764 आवेदनों को मंजूरी दी है। इसमें बल्क ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस, फार्मा, दूरसंचार, व्हाइट गुड्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल्स और ड्रोन जैसे क्षेत्रों के पीएलआई लाभार्थियों में 176 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भी शामिल हैं।
विशेष इस्पात के लिए 35 कंपनियों ने दिखाई रुचि
सरकार को विशेष इस्पात के लिए पीएलआई योजना के दूसरे दौर में 25,000 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धता के साथ 35 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, इस्पात मंत्रालय इन कंपनियों के चयन और उनके साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में है। इन परियोजनाओं को 3,600 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिए जाने अनुमान है। योजना अवधि के अंत तक 2,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन बांटा जाएगा।