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व्यापार: बर्लिन में पीयूष गोयल ने पेश किया खाका, जानिए भारत-ईयू एफटीए से कारोबारियों को क्या मिलेगा फायदा?

Thu, 22 Oct 2026 08:50 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 31 से बढ़ाकर 310 अरब यूरो करने के लिए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। 
  • गोयल ने उम्मीद जताई कि इस समझौते पर चालू वर्ष के अंत से पहले हस्ताक्षर हो जाएंगे और अगले 4 से 5 महीनों में यह पूरी तरह लागू हो जाएगा।
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जर्मनी में व्यापार समझौते के लिए बातचीत में शामिल गोयल व अन्य। - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा खाका पेश किया है। जर्मन राजधानी बर्लिन में आयोजित एक व्यापारिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 310 अरब यूरो करने का एक साहसिक लक्ष्य रखने का आह्वान किया है। यह प्रस्ताव भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच अंतिम रूप से तैयार हो चुके मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने से ठीक पहले सामने आया है।

310 अरब का लक्ष्य कैसे तय हुआ?

भारत के प्राचीन गणितीय योगदान को याद करते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के महान गणितज्ञ आर्यभट्ट ने 'शून्य' की खोज की थी। वर्तमान में भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार 31 अरब यूरो का है, और यदि इसमें एक शून्य जोड़ दिया जाए, तो यह 310 अरब यूरो का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य बन जाता है। पीयूष गोयल बर्लिन में भारतीय उद्योग जगत के 100-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि 310 अरब यूरो का लक्ष्य बहुत बड़ा लगता है, लेकिन यदि दोनों देश अपनी ताकत को मिलाकर ठोस योजनाएं बनाएं और मुख्य क्षेत्रों की पहचान करें, तो इसे हासिल किया जा सकता है।

व्यापार समझौता से भारत को क्या छूट मिलेगी?

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर पिछले 20 वर्षों से बातचीत चल रही थी, लेकिन इसे पिछले 13 महीनों की गहन वार्ताओं के बाद अंतिम रूप दिया गया। 

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समझौते से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • घोषणा और समयसीमा: 27 जनवरी को इस वार्ता के समापन की आधिकारिक घोषणा की गई थी। मंत्री पीयूष गोयल ने उम्मीद जताई कि इस समझौते पर चालू वर्ष के अंत से पहले हस्ताक्षर हो जाएंगे और अगले 4 से 5 महीनों में यह पूरी तरह लागू हो जाएगा।
  • ईयू के सभी 27 देशों का समर्थन: यूरोपीय संघ संसद और सभी 27 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से इस समझौते का समर्थन किया है।
  • 93% भारतीय खेपों को शुल्क-मुक्त पहुंच: समझौते के लागू होते ही यूरोपीय संघ के 27 देशों के बाजार में भारत से भेजी जाने वाली 93 प्रतिशत खेपों को शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा।
  • आयात सस्ता होगा: दूसरी ओर, यूरोपीय संघ से भारत आने वाली लक्जरी कारों और वाइन पर आयात शुल्क कम होने से ये उत्पाद सस्ते हो जाएंगे।

किन प्रमुख क्षेत्रों और तकनीकों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे?

द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारतीय वाणिज्य मंत्री और जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्री कैथरीना राइश ने भविष्य की प्रमुख प्रौद्योगिकियों पर विस्तृत चर्चा की। 

दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:

  • उन्नत तकनीक व खनिज: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्रिटिकल मिनरल्स।
  • हरित ऊर्जा व आपूर्ति शृंखला: ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और लचीली आपूर्ति शृंखलाएं।
  • ताकतों का समन्वय: जर्मनी की प्रिसिजन इंजीनियरिंग, तकनीकी कौशल और गुणवत्ता को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्षमताओं और कुशल जनशक्ति के साथ जोड़ा जाएगा।
  • इंडिया सेंटर की शुरुआत: भारतीय व्यापारिक संस्थाओं को सहायता और मार्गदर्शन देने के लिए बर्लिन में एक 'इंडिया सेंटर' का उद्घाटन किया गया है।

उद्योग जगत की इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया?

जर्मनी की आर्थिक मामलों की मंत्री कैथरीना राइश ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने और लालफीताशाही को कम करने का सुझाव दिया तथा भारतीय उद्योगों का स्वागत किया। 

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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया वर्तमान वैश्विक व्यापार परिदृश्य में विश्वास ही सबसे जरूरी चीज है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को खुली सीमाओं के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा को भी मजबूत करना होगा।

कारोबारियों के लिए क्या हैं मायने?

पीयूष गोयल ने दोनों देशों के व्यापारिक घरानों को सलाह दी है कि वे समझौते के लागू होने से पहले ही गुणवत्ता के मानकों, मूल्य निर्धारण और सैंपलिंग का आदान-प्रदान शुरू कर दें। इससे एफटीए के लागू होते ही शुरुआती दौर में ही दोनों देशों के कारोबारी इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते का अधिकतम लाभ उठा सकेंगे।

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