EPFO ने साफ किया कि आप अपनी कुल जमा पूंजी का 75% हिस्सा कभी भी (बीमारी, घर या शिक्षा के लिए) निकाल सकते हैं। बाकी 25% हिस्सा खाते में बना रहना अनिवार्य है। नौकरी छूटने पर 75% पैसा तुरंत मिलेगा और 25% पैसा एक साल तक बेरोजगार रहने पर निकाला जा सकेगा।
ईपीएफओ सदस्य जल्द ही यूपीआई के जरिये सीधे अपने बैंक खाते से भविष्य निधि (पीएफ) निकाल सकेंगे। यह नई सुविधा अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इस कदम का उद्देश्य करीब आठ करोड़ सदस्यों के लिए निकासी प्रक्रिया को आसान बनाना है। हालिया बदलावों में आंशिक निकासी के नियमों को भी सरल बनाया गया है और ऑटो-सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ाई गई है।
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BHIM एप से सीधा कनेक्शन
अप्रैल महीने से आपको जटिल ऑनलाइन पोर्टल्स पर उलझने की जरूरत नहीं होगी। जैसे ही आप एप खोलेंगे, आपको दो तरह का बैलेंस दिखेगा:
Eligible Balance: वह पैसा, जो आप तुरंत निकाल सकते हैं।
Minimum Balance: वह 25% हिस्सा, जो आपके भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
25,000 रुपये की लक्ष्मण रेखा
सुरक्षा के लिहाज से शुरुआत में 25,000 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन की सीमा तय की गई है, यानी आप एक बार में इससे ज्यादा नहीं निकाल पाएंगे।
किस PIN से निकलेगा फंड?
EPF सब्सक्राइबर्स को लेन-देन पूरा करने के लिए अपने लिंक किए गए UPI PIN का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। एक बार फंड खाते में ट्रांसफर हो जाने के बाद, EPFO सदस्य अपनी इच्छानुसार उस पैसे का उपयोग कर सकते हैं।
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निकासी को बनाया गया है लचीला
शिक्षा या बीमारी के लिए निकासी की सीमा को और अधिक लचीला बनाया गया है। अब सदस्यता के दौरान शिक्षा के लिए 10 बार और विवाह के लिए पांच बार आंशिक निकासी की जा सकती है। पहले विवाह और शिक्षा, दोनों के लिए मिलाकर केवल तीन बार निकासी की सीमा थी। बीमारी और विशेष परिस्थितियों की श्रेणियों के तहत, प्रत्येक वित्त वर्ष में क्रमशः तीन और दो बार निकासी की अनुमति होगी।
क्या है मौजूदा प्रक्रिया?
वर्तमान में, EPFO सदस्यों को अपने EPF पैसे तक पहुंचने के लिए निकासी के दावे के लिए आवेदन करना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है। ऑटो-सेटलमेंट मोड के तहत, निकासी के दावों का निपटान आवेदन पत्र भरने के तीन दिनों के भीतर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जाता है। इस ऑटो-सेटलमेंट मोड की सीमा को पहले ही एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है।
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