पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार ने अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता के दौरान देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है। साथ ही, सिटी गैस वितरण संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन के विस्तार के लिए निर्देश भी जारी किए गए हैं।
शर्मा ने स्पष्ट किया कि सभी खुदरा दुकानों पर सामान्य परिचालन जारी है। उन्होंने दोहराया कि ईंधन स्टेशनों पर पर्याप्त पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। उन्होंने आम जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की। साथ ही, घबराहट में खरीदारी से बचने का आग्रह किया। यह सुनिश्चित किया गया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनआरजीबी) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश में सभी सिटी गैस वितरण संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें आवासीय स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने होंगे। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक रसोई और आंगनवाड़ी रसोई को भी पांच दिनों के भीतर कनेक्शन देने को कहा गया है। यह निर्देश उन सभी स्थानों पर लागू होगा जहां पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा पास में उपलब्ध है।
प्रेस वार्ता के दौरान पोत व परिहन मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने कहा, "खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में कोई समुद्री घटना दर्ज नहीं की गई है। कल देर शाम, भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज, पाइन गैस और जग वसंत, दोनों एलपीजी से भरे हुए हैं।
दोनों जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। पाइन गैस 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी ले जा रहा है और संभवतः 27 मार्च की सुबह न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंचेगा। दूसरा एलपीजी वाहक जहाज, जग वसंत, लगभग 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी ले जा रहा है और कांडला की ओर बढ़ रहा है, जिसके 26 मार्च को पहुंचने का अनुमान है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "विदेश मंत्री ने कल अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर चर्चा की, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर विशेष ध्यान दिया गया। विदेश मंत्री ने श्रीलंका की विदेश मंत्री विजया हेरथ से भी बात की। दोनों नेताओं ने इस संघर्ष के परिणामों पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने 'पड़ोसी पहले' और 'मिशन महासंघ' के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।"
जायसवाल ने बताया, "विदेश मंत्री ने कल दिल्ली में सभी खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के राजदूतों से मुलाकात की। वहां भी उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विचार-विमर्श किया और क्षेत्र में भारतीय समुदाय को उनके निरंतर समर्थन के लिए प्रत्येक राजदूत को धन्यवाद दिया।"