इंटरनेशनल मार्कीट के साथ इंडियन बास्केट में क्रूड की ऊंची कीमतों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में आम चुनाव के पहले मोदी सरकार भी एक्साइज ड्यूटी घटाकर कंज्यूमर्स को राहत देने का दबाव बढ़ रहा है। बता दें, इंडियन बॉस्केट में क्रूड के भाव पिछले महीने औसतन 73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहे हैं।
58 फीसदी महंगा हुआ क्रूड
जून 2017 के बाद से कच्चे तेल की कीमतें इंटरनेशनल मार्केट में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। इकोनॉमी सर्वे के मुताबिक, FY-19 में यह 12 फीसदी और महंगा हो सकता है। वहीं, इंडियन बास्केट में क्रूड 10 महीनों में 58 फीसदी महंगा हो चुका है। महंगे क्रूड की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगतार बढ़ रही हैं जिससे सीधे आम आदमी प्रभावित हो रहा है।