वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के दावों को झुठलाते हुए कहा है कि पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने का राज्यों की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी को नुकसान नहीं होगा। पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले सड़क व बुनियादी ढांचा उपकर में कमी की गई है। उपकर संग्रह राज्यों से साझा नहीं किया जाता।
कटौती से 2.20 लाख करोड़ बोझ
वित्त मंत्री के अनुसार शनिवार को हुई कमी से केंद्रीय कर संग्रह में 1 लाख करोड़ रुपये तक का असर एक साल में होगा। 21 नवंबर में हुई कमी से भी 1.20 लाख करोड़ की कमी का अनुमान है।
पिछली सरकार से विकास पर दोगुना खर्च
आरबीआई के आंकड़ों के हवाले से वित्त मंत्री ने बताया कि 2014 से 2022 तक एनडीए सरकार ने 90.9 लाख करोड़ रुपये विकास पर खर्च किए। वहीं 2004 से 2014 तक यूपीए ने 49.2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। एनडीए ने 24.85 लाख करोड़ रुपये भोजन, ईधन और उर्वरक सब्सिडी में खर्च किये तो यूपीए ने 10 साल में 13.9 लाख करोड़ रुपये की ही सब्सिडी दी थी।