Paytm Crisis: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकारी सूत्रों ने बताया है कि फिनटेक की जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के विशिष्ट प्रावधानों के तहत की जा रही है, इसके अंतर्गत विदेशों में व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट लेनदेन की जांच की जाती है।
पेटीएम की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब खबर है कि पेटीएम के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत पेटीएम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले भी, रिपोर्ट्स में यह बताया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस बात की जांच कर रहा है कि क्या वन 97 कम्युनिकेशंस द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन में शामिल हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकारी सूत्रों ने बताया है कि फिनटेक की जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के विशिष्ट प्रावधानों के तहत की जा रही है, इसके अंतर्गत विदेशों में व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट लेनदेन को कवर किया जाता है। ईडी ने इस संबंध में फिलहाल रिपोर्ट दायर नही की है। फिलहाल ईडी और रिजर्व बैंक इस मामले को प्राथिमक तौर पर देख रहे हैं।
इससे पहले पेटीएम ने इन आरोपों से इनकार किया था कि ईडी विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन के लिए कंपनी और उसकी इकाई पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीबीबीएल) की जांच कर रहा है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (ओसीएल) ने उसकी या उसकी सहयोगी कंपनी पीबीबीएल की ओर से नियमों के उल्लंघन मामले में किसी जांच से इनकार किया है।
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पिछले महीने, भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम की बैंकिंग शाखा पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 29 फरवरी तक जमा, क्रेडिट उत्पादों और इसके लोकप्रिय डिजिटल वॉलेट सहित अपने अधिकांश व्यवसायों को बंद करने का आदेश दिया था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि उसने पेटीएम पेमेंट बैंक को नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त समय दिया था और व्यापार प्रतिबंध केवल तभी लगाए गए जब विनियमित इकाई ने दिए गए निर्देशों का अनुपालन नहीं किया।