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NYAY योजना के लिए इस संस्था ने दिया था सुझाव, करोड़पतियों पर टैक्स लगाए कांग्रेस

Wed, 27 Mar 2019 01:49 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा देश के 20 फीसदी गरीबों को हर महीने छह हजार रुपये (न्यूनतम आय योजना) देने के लिए बड़े अरबपतियों पर वेल्थ टैक्स लगाया जा सकता है। राहुल गांधी द्वारा न्याय योजना की घोषणा करने से पहले पेरिस स्थित थिंक टैंक वर्ल्ड इनइक्युलिटी लैब ने ही कांग्रेस पार्टी को इस स्कीम के बारे में सुझाव दिया था। थिंक टैंक के मुताबिक भाजपा का गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण देने का एलान करना एक तरह का शिगुफा है। 

2.90 लाख करोड़ का खर्च

हालांकि अभी तक कांग्रेस पार्टी ने यह नहीं बताया है कि सरकार बनने के बाद वो कैसे इसको लागू  करेंगे। लेकिन पेरिस के थिंक टैंक ने एक आकलन लगाया है कि योजना पर हर साल 2.90 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे जो कि जीडीपी का 1.3 फीसदी हिस्सा है।

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थिंक टैंक ने सुझाव दिया है कि कांग्रेस पार्टी ऐसे लोगों पर दो फीसदी वेल्थ टैक्स लगा सकती है, जिनकी आमदनी 2.5 करोड़ रुपये सालाना से ज्यादा है। इस टैक्स से सरकार को हर साल 2.30 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते हैं, जो कि जीडीपी का 1.3 फीसदी होगा। 

कांग्रेस को सीधे तौर पर नहीं दी मदद

इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए थिंक टैंक ने सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी को मदद नहीं की है। इस पत्र को तैयार करने में शोधार्थी नीतिन भारती और सह-निदेशक लुकास चांसेल के अलावा फ्रांस के अर्थशास्त्री थॉमस पिकेट्टी शामिल हैं। चांसेल ने कहा कि हमने इस स्कीम पर सलाह मशविरा किया था और अपने नतीजे पोवर्टी एक्शन लैब के निदेशक प्रोफेसर अभिजित भट्टाचार्य के साथ साझा किए थे। 

प्रोफेसर भट्टाचार्य ने फिर इसको कांग्रेस पार्टी को दिया था। भारती और चांसेल ने माना कि 1980 से देश में अमीर-गरीब के बीच खाई और गहरा गई है। इस खाई को कम करने के लिए करोड़पतियों पर टैक्स लगाना पड़ेगा। ऐसा यूरोप और अमेरिका में मौजूद सरकारें बहुत पहले से कर रही हैं। इस टैक्स से सरकार आम जनता पर काफी पैसा खर्च कर सकती हैं। 
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घर-जमीन पर लगे टैक्स

भारती का मानना है कि भारत में लोगों ने घर और जमीन के तौर पर काफी संपत्ति जमा कर रखी है। ऐसे लोगों की संख्या करीब 90 फीसदी है। इन लोगों पर भी ज्यादा टैक्स लगना चाहिए ताकि गरीब लोगों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर ज्यादा पैसा खर्च किया जा सके। 

रघुराम राजन से ली थी सलाह

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने माना कि कांग्रेस पार्टी ने इस योजना की घोषणा करने से पहले उनसे सलाह ली थी। राजन के मुताबिक देश में किसानों को उपज की सही कीमत न मिलना व गरीबी सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या को खत्म करने के लिए इस तरह की योजना पर काम किया जा सकता है। 
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