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PAN-Aadhar Mandatory: सरकार ने बदले बैंक-पोस्ट ऑफिस के नियम, अब इतनी रकम के लेन-देन पर पैन-आधार की डिटेल जरूरी

Wed, 11 May 2022 07:23 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PAN And Aadhar Are Mandatory: नए नियमों के तह अब आप बैंक और पोस्ट-ऑफिस में 20 लाख रुपये से अधिक राशि जमा करते हैं, तो इसके लिए पैन नंबर और आधार कार्ड की पूरी जानकारी देना जरूरी होगा। यह सीमा एक वित्त वर्ष के लिए निर्धारित की गई है।
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पैन और आधार अनिवार्य। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुधवार को सरकार ने बैंक से सरकार ने रुपयों के लेन-देन से संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब बैंक या फिर पोस्टऑफिस (डाकघर) से निर्धारित सीमा से ऊपर पैसों की निकासी करने के लिए पैन और आधार कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य होगा। 

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20 लाख से अधिक के लेन-देन पर लागू
अगर आप एक वित्तीय वर्ष में 20 लाख रुपये की नकदी निकासी या जमा करते हैं तो अब बैंक अधिकारी को आपका पैन या आधार कार्ड रखना अनिवार्य होगा। इसके बाद इस कागजात को बैंक आयकर विभाग के पास भेजेगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष टैक्स बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके पीछे सरकार का मकसद नकदी के लेन-देन को ट्रैक करना है। 

यह नियम केवल बैंकों या डाकघर के लिए ही नहीं होगा, बल्कि सहकारी सोसाइटियों पर भी लागू होगा। इसी के साथ अगर आप नया चालू खाता खोलते हैं तो उसके लिए भी पैन जरूरी कर दिया गया है। जानकारों का मानना है कि इस नए नियम के तहत सरकार अर्थव्यवस्था में नकदी को रोकने की कोशिश करेगी। सालाना विवरण (एआईएस) और टीडीएस के सेक्शन 194 एन के जरिये सरकार पहले से ही इसे ट्रैक कर रही है। पर अब बहुत ही आसानी से नकदी के लेन-देन का पता लगाया जा सकेगा। 
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अभी तक कोई सीमा नहीं थी
वैसे अभी तक साल में नकदी जमा करने या निकालने के लिए कोई सीमा तय नहीं की गई थी, जिस पर पैन या आधार की जरूरत हो। हालांकि एक दिन में 50 हजार रुपये की निकासी या जमा पर यह नियम जरूर लागू था। दरअसल, अभी तक लोग बना पैन कार्ड के 50 हजार से नीचे नकदी की निकासी या जमा कर सकते थे। साथ ही तब आधार भी इसके लिए मान्य नहीं था। इसलिए बड़े पैमाने पर नकदी को इधर से उधर किया जाता था। 

छोटे लेनदेन के जरिए टैक्स चोरी
जानकारों का मानना है कि नोटबंदी के बाद से भी बड़े पैमाने पर छोटे लेन-देन हो रहे हैं और इसे ट्रैक कर पाना सरकार के लिए आसान नहीं था। इससे बड़े पैमाने पर कर चोरी होती थी। पर अब नए नियम से एक-एक रुपये तक के लेन-देन को ट्रैक किया जा सकता है, जिससे सरकार को टैक्स चोरी का पता करने में आसानी होगी। सरकार इसके लिए काफी पहले से ही तैयारी कर चुकी थी। 

अब आधार से ही काम चल जाएगा
दरअसल, सरकार ने पैन और आधार कार्ड को लिंक कर दिया है। इसलिए पैन की जगह आधार कार्ड भी इस लेन-देन के लिए अब मान्य होगा। सरकार ने 31 मार्च, 2022 तक आधार और पैन को लिंक करने का समय दिया था। अब अगर आप लिंक करते हैं तो आपको 500 रुपये देना होगा। एक जुलाई के बाद 1,000 रुपये और मार्च, 2023 के बाद आपका पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

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