पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 158 पर कारोबार करते हुए देखा गया। इसके साथ ही मुल्क में बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई चरम पर है। वहीं दूध की कीमत भी 200 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है ।
डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी रुपया इस साल की शुरुआत से लगातार गिरता जा रहा है। पिछले 11 दिनों से लगातार इसमें कमजोरी देखने को मिल रही है। डॉलर में इजाफे के चलते महंगाई एक नए स्तर पर पहुंच गई है। अगर यही हाल रहा तो अमीर लोग भी रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने से बचेंगे।
पाकिस्तान में प्याज के दाम 77.52 फीसदी, तरबूज 55.73 फीसदी, टमाटर 46.11 फीसदी, नींबू 43.46 फीसदी और चीनी 26.53 फीसदी महंगी हो गई है। दूध के दाम 180 रुपये प्रति लीटर थे जो अब बढ़कर कई शहरों में 200 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। बात करें फल और मीट की तो सेब 400 रुपये किलो, संतरे 360 रुपये और केले 150 रुपये दर्जन बिक रहे हैं। पाकिस्तान में मटन 1100 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
लोगों को इसके अलावा किराये के मकान और गैस पर खाना पकाना भी मुश्किल हो गया है। पिछले एक महीने में रसोई गैस के दाम 85.31 फीसदी, पेट्रोल 23.63 फीसदी, हाई स्पीड डीजल 23.86 फीसदी बढ़ गया है। बस का किराये में 51.16, बिजली 8.48 और मकान किराये में 6.15 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
पाकिस्तान में एक तोला सोना 75900 रुपये में मिल रहा है। 10 ग्राम सोने की कीमत 65072 रुपये है। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टेटिक्स के अनुसार कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स 9 फीसदी के ऊपर बना हुआ है। मई में भी पाकिस्तान का रुपया दुनिया में सबसे बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ था।
इससे लोगों की खरीदारी की क्षमता कम हो रही है। दूसरी तरफ स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि यदि महंगाई पर लगाम नहीं लगाई गई तो देश के आर्थिक हालात बेकाबू हो जाएंगे। एसबीपी ने ब्याज दर को बढ़ाकर 12.25 फीसदी कर दिया है।