द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की खबर के मुताबिक, उर्जा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने 385 अरब रुपये से कम के चक्रीय (सर्कुलर) ऋण के प्रवाह को रोकने, बिजली कीमतों में समय पर बढ़ोतरी करने से संबंधित दिसंबर के अंत तक के लक्ष्यों को पूरा कर लिया है।
आईएमएफ तीन अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की समीक्षा के तहत ऋण वार्ता के दौरान इन लक्ष्यों के क्रिनान्वयन की समीक्षा करेगा। आईएमएफ का समीक्षा मिशन इस महीने एक अंत या अगले महीने की शुरुआत में इस्लामाबाद पहुंच सकता है। बशर्ते संघीय और प्रांतीय स्तर पर सरकारों के गठन का काम पहले पूरा हो जाए।
अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा कि दिसंबर के अंत तक चक्रीय कर्ज के प्रवाह को 385 अरब रुपये (पीकेआर) तक सीमित करने की शर्त के विपरीत वृद्धि 378 अरब रुपये (पीकेआर) रुपये थी। पाकिस्तान ने वैश्विक ऋणदाता से वादा किया है कि वह इस वित्त वर्ष के अंत तक जून 2023 के चक्रीय ऋण को 2.31 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये के स्तर पर रोक देगा।
हाल ही में आईएमएफ के एक शीर्ष अधिकारी ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मांग पर चुप्पी साधते हुए कहा था कि वह नई सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है। इमरान खान ने आईएमएफ से मांग करते हुए कहा था कि उसे नकदी संकट से जूझ रहे देश के लिए कोई नया कर्ज मंजूर करने से पहले चुनाव नतीजों का ऑडिट कराना चाहिए।
पाकिस्तान आईएमएफ पर बहुत ज्यादा निर्भर है। वह अभी तीन अरब डॉलर का एक अल्पकालिक समझौता लागू कर रहा है। वैश्विक ऋणदाता पहले ही कर्ज की दो किस्तें दे चुका है और 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की अंतिम किस्त मार्च के अंत या अप्रैल के शुरुआत में मिलने की उम्मीद है।