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Pakistan: महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तानियों पर सरकार ने अब फोड़ा पेट्रोल बम, कीमतें 300 रुपये के करीब

Tue, 16 Jul 2024 03:35 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pakistan: सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 1.28 लाख करोड़ रुपये जुटाने के लिए वित्त विधेयक में पेट्रोलियम विकास लेवी (पीडीएल) की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 70 रुपये प्रति लीटर कर दी है, जो पिछले वित्त वर्ष के दौरान 960 अरब रुपये के संग्रह से 91 अरब रुपये अधिक है।
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पाकिस्तान - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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आर्थिक संकट से जूझ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान में सरकार ने आम आदमी की जेब पर भार बढ़ा दिया है। पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता पर इस बार पेट्रोल बम फोड़ा गया है। देश की खस्ताहाल आर्थिक स्थिति को सुधारने की कवायद के तहत एक बार फिर पाकिस्तान में पेट्रोल डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया है। बढ़ती कीमतों के असर से एक बार फिर पड़ोसी देश में महंगाई के जो पहले से ही उच्च स्तर पर हैं, और बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

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पाकिस्तान ने अगले पखवाड़े के लिए पेट्रोल की कीमत 9.99 रुपये (0.036 डॉलर) बढ़ाकर 275.60 रुपये कर दी है। कीमतें मंगलवार से प्रभावी होंगीं। पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी। सरकार ने हाई स्पीड डीजल की कीमत भी 6.18 रुपये बढ़ाकर 283.63 रुपये कर दी है, वित्त मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण यह फैसला लिया गया है। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "पेट्रोल डीजल पर लागू शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, ये मौजूदा स्तर पर बने रहेंगे।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 1.28 लाख करोड़ रुपये जुटाने के लिए वित्त विधेयक में पेट्रोलियम विकास लेवी (पीडीएल) की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 70 रुपये प्रति लीटर कर दी है, जो पिछले वित्त वर्ष के दौरान 960 अरब रुपये के संग्रह से 91 अरब रुपये अधिक है।
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चालू पखवाड़े में ईंधन की कीमतों में बदलाव ऐसे समय पर किया गया है जब पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष 7 अरब डॉलर के लिए 37 महीने के ऋण कार्यक्रम के लिए एक समझौते पर पहुंचा है। इसकी शर्तों के तहत देश में कुछ कठिन उपाय किए जाने हैं, जिससे खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को सपोर्ट मिल सके। आईएमएफ से समझौते के बाद पाकिस्तान में शेयर बाजार के बेंचमार्क सोमवार को रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुचे। 

आईएमएफ चाहता है कि पाकिस्तान जो सुधार करे, उनमें बिजली और गैस टैरिफ को उन स्तरों पर बनाए रखा जाए जो मौजूदा प्रगतिशील टैरिफ संरचनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिए किए गए समायोजन के साथ लागत वसूली सुनिश्चित करे। 

पेट्रोलियम और बिजली की कीमतें पाकिस्तान में अत्यधिक महंगाई का का सबसे बड़ा कारण है। पेट्रोल का उपयोग ज्यादातर निजी परिवहन, छोटे वाहनों, रिक्शा और दोपहिया वाहनों में किया जाता है, जबकि डीजल की कीमत में किसी भी वृद्धि को अत्यधिक मुद्रास्फीति माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग ज्यादातर भारी परिवहन वाहनों को चलाने के लिए किया जाता है। इसकी कीमतें बढ़ने से सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में इजाफा होता है।


डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से पाकिस्तान की जनता पर एक बार फिर महंगाई का खतरा बढ़ने का बोझ पैदा हो गया है। सरकार ने पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल के की कीमतों में इजाफा किया है। पहले से ही देश में बिजली की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी से लेकर आटा, दाल, चावल से लेकर सब्जी और रोजमर्रा के सामानों पर महंगाई छाई हुई है और ये आम लोगों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से फल और सब्जियों की कीमतों में भी बेहतहाशा इजाफे का खतरा है।

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